नई दिल्ली। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार और बुधवार को बारिश होने के आसार हैं। छह अक्टूबर को राजधानी में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम में आए इस बदलाव के बीच तेज हवाओं से प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी दर्ज की गई है, हालांकि कई इलाकों में वायु गुणवत्ता अभी भी खराब से बहुत खराब श्रेणी में बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार छह अक्टूबर को दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। इस दौरान नमी का स्तर 45 से 55 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। बारिश और तेज हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
सात अक्टूबर से छाए रहेंगे आंशिक बादल
सात अक्टूबर को दिल्ली में मौसम आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। इस दिन अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। आठ अक्टूबर को भी आसमान में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है और तापमान 34 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
नौ अक्टूबर को तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है। इस दिन अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। दस और 11 अक्टूबर को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने का पूर्वानुमान है। इन दिनों तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है।
बारिश से प्रदूषण में और गिरावट की उम्मीद
मौसम में बदलाव और हवाओं की रफ्तार बढ़ने का असर दिल्ली-एनसीआर की हवा पर भी दिखाई दे रहा है। बारिश होने से वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों के नीचे बैठने की संभावना रहती है, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश होने से प्रदूषण के स्तर में और गिरावट आने की उम्मीद है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के बाद यदि हवा की गति धीमी पड़ जाती है तो प्रदूषक तत्व दोबारा वातावरण में जमा हो सकते हैं। ऐसे में शुरुआती सुधार के बाद वायु गुणवत्ता फिर खराब होने की स्थिति बन सकती है।
दिल्ली के कई इलाकों में हवा अभी भी खराब
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब से बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ है। मुंडका में एक्यूआई 280, नरेला में 255, ओखला फेज-2 में 223 और नॉर्थ कैंपस में 205 दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों से साफ है कि बारिश और तेज हवाओं से कुछ राहत मिलने के बावजूद राजधानी के कई हिस्सों में प्रदूषण अभी चिंता का विषय बना हुआ है। दूसरी ओर मंदिर मार्ग में एक्यूआई 160, नजफगढ़ में 166, नेहरू नगर में 145, एनएसयूटी जफरपुर में 154 और पटपड़गंज में 149 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में है।
नोएडा में भी कई इलाकों की हवा खराब
दिल्ली से सटे नोएडा में भी वायु गुणवत्ता का स्तर कई स्थानों पर खराब श्रेणी में पहुंचा हुआ है। सेक्टर-116 में एक्यूआई 267 दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-62 में यह 185 रहा। सेक्टर-125 में एक्यूआई 136 और सेक्टर-1 में 137 दर्ज किया गया।
नोएडा के कुछ इलाकों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन प्रमुख औद्योगिक और यातायात वाले क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर अभी भी चिंता का कारण बना हुआ है।
गाजियाबाद में सबसे ज्यादा चिंता
एनसीआर के गाजियाबाद में प्रदूषण की स्थिति कई इलाकों में ज्यादा गंभीर दिखाई दे रही है। संजय नगर में एक्यूआई 322 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में है। वेव सिटी में एक्यूआई 305 और वसुंधरा में 243 दर्ज किया गया।
इसके अलावा गोविंदपुरम में एक्यूआई 148 और इंदिरापुरम में 151 दर्ज किया गया। गाजियाबाद के कुछ क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के पीछे स्थानीय यातायात, निर्माण गतिविधियों और मौसम की परिस्थितियों का असर माना जा रहा है।
बारिश के बाद राहत कितनी टिकेगी, मौसम पर नजर
दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम में बदलाव और बारिश से प्रदूषण से अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। तेज हवाएं प्रदूषक कणों को फैलाने में मदद कर सकती हैं, जबकि बारिश वातावरण में मौजूद धूल और अन्य कणों को नीचे बैठा सकती है।
हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक राहत स्थायी होगी या नहीं, यह बारिश के बाद हवा की गति और मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा। यदि बारिश के बाद हवा शांत पड़ती है तो प्रदूषक तत्व दोबारा जमा होकर वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आने वाले दिनों में मौसम के साथ-साथ वायु गुणवत्ता पर भी नजर रखनी होगी।
