मुज़फ़्फ़रनगर। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत मुज़फ़्फ़रनगर पहुंचे। उनके पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं और नारेबाजी के साथ स्वागत किया। इसके बाद रावत रामपुर तिराहा स्थित उत्तराखंड आंदोलन के शहीद स्मारक पहुंचे और शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। उनके दौरे की शुरुआत रामपुर तिराहा से होने की जानकारी पहले से सामने आई थी।

शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के बाद हरीश रावत ने परिसर की साफ-सफाई में भी हिस्सा लिया। उन्होंने खुद हाथ में झाड़ू उठाकर स्मारक परिसर में सफाई की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे शहीदों के प्रति सम्मान और स्वच्छता से जोड़ते हुए उनका समर्थन किया। मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतपाल कटारिया, नगर अध्यक्ष रंजन मित्तल, महिला कांग्रेस अध्यक्ष अफसाना अंसारी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ रावत ने संवाद भी किया।
मुज़फ़्फ़रनगर में कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान हरीश रावत ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इनका असर आम जनता, युवाओं और किसानों पर पड़ रहा है।
रावत ने एथनॉल के मुद्दे को भी किसानों से जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल में एथनॉल के इस्तेमाल और चीनी के दामों से सरकार को लाभ हो रहा है, लेकिन गन्ना और मक्का उत्पादक किसानों को उसका पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने एथनॉल से होने वाले लाभ का एक हिस्सा किसानों को बोनस के रूप में देने की मांग रखी। ये दावे और मांगें रावत के अपने बयान हैं।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर रावत ने उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनने का दावा किया।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नगर अध्यक्ष रंजन मित्तल की ओर से कुछ लोगों को पार्टी की सदस्यता भी दिलाई गई। कांग्रेस नेताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने की बात कही।
रामपुर तिराहा पर रावत की मौजूदगी ऐसे समय हुई है जब उत्तराखंड में कांग्रेस की राजनीति को लेकर भी चर्चा चल रही है। सितंबर में रावत ने अपने पूर्व OSD से जुड़े ED मामले के बाद कांग्रेस के कुछ संगठनात्मक पदों से इस्तीफे की पेशकश की थी।

