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स्वतंत्रता दिवस 2026: लालकिले पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन, हेलीकॉप्टर ने झंडा लेकर भरी आसमान में उड़ान

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नई दिल्ली। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को दिल्ली के ऐतिहासिक लालकिले पर देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का अद्भुत नजारा देखने को मिला। स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन हुआ। राष्ट्रीय गीत की 150 वर्ष पुरानी विरासत को समर्पित इस विशेष प्रस्तुति ने लालकिले के समारोह को ऐतिहासिक बना दिया।

‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गायन के बाद एमआई-17 हेलीकॉप्टर आसमान में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का झंडा लेकर उड़ता नजर आया। आसमान में लहराते झंडे और लालकिले की प्राचीर से गूंजते राष्ट्रगीत ने समारोह में मौजूद लोगों के बीच देशभक्ति का जोश भर दिया।

आजादी के बाद पहली बार लालकिले पर गूंजा ‘वंदे मातरम’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में ‘वंदे मातरम’ की विशेष प्रस्तुति को ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लालकिले पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ गूंज रहा है और जब देश इस राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है, तो इससे बेहतर अवसर नहीं हो सकता।

‘वंदे मातरम’ की सामूहिक प्रस्तुति ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय गीत की ऐतिहासिक विरासत को नए अंदाज में सामने रखा।

2500 कैडेटों ने बनाई ‘वंदे मातरम’ की विशाल आकृति

लालकिले की प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर ‘वंदे मातरम’ की विशाल आकृति भी बनाई गई। इस भव्य प्रस्तुति में सेना, नौसेना और वायुसेना के कैडेटों के साथ ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया।

कुल 2500 लड़के और लड़कियां इस प्रस्तुति का हिस्सा बने। सभी ने एक साथ मिलकर ‘वंदे मातरम’ की आकृति तैयार की, जो स्वतंत्रता दिवस समारोह के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही।

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‘विकसित भारत @2047’ की झलक भी दिखी

इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम ‘विकसित भारत @2047’ रखी गई है। ज्ञानपथ पर इस थीम को प्रदर्शित करने के लिए विशेष दृश्य अवरोधक लगाए गए।

एक ओर जहां समारोह में देश की स्वतंत्रता और ‘वंदे मातरम’ की 150 साल पुरानी विरासत को याद किया गया, वहीं दूसरी ओर ‘विकसित भारत @2047’ के माध्यम से देश के भविष्य की तस्वीर भी सामने रखी गई।

लालकिले पहुंचे पीएम मोदी, तीनों सेनाओं ने दिया जनरल सैल्यूट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया। लालकिले के प्रांगण में पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

इसके बाद रक्षा सचिव ने दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी का परिचय प्रधानमंत्री से कराया। दिल्ली क्षेत्र के जीओसी प्रधानमंत्री को सलामी मंच तक लेकर गए, जहां तीनों सेनाओं और दिल्ली पुलिस के संयुक्त दल की ओर से प्रधानमंत्री को ‘जनरल सैल्यूट’ दिया गया।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।

तिरंगा फहराते ही गूंजा राष्ट्रगान, 21 तोपों की सलामी

गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लालकिले की प्राचीर पर पहुंचे और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। कैप्टन सोनिया सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय ध्वज फहराने में सहायता की।

ध्वजारोहण के साथ ही राष्ट्रगान हुआ और 1721 फील्ड बैटरी सेरेमोनियल के गनर्स ने 21 तोपों की सलामी दी। स्वदेशी 105 मिलीमीटर लाइट फील्ड गन से सुसज्जित इस सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत ने संभाली।

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लालकिले से इतिहास, आसमान में लहराया ‘वंदे मातरम’

80वें स्वतंत्रता दिवस के इस समारोह में कई ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक दृश्य देखने को मिले। लालकिले की प्राचीर से पहली बार सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन हुआ, ज्ञानपथ पर 2500 कैडेटों और स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय गीत की विशाल आकृति बनाई और इसके बाद एमआई-17 हेलीकॉप्टर ‘वंदे मातरम’ का झंडा लेकर आसमान में उड़ान भरता नजर आया।

इस तरह ‘वंदे मातरम’ की 150 वर्ष पुरानी विरासत को स्वतंत्रता दिवस के भव्य समारोह में विशेष सम्मान मिला। वहीं तिरंगे के साथ हेलीकॉप्टर की उड़ान और तीनों सेनाओं की मौजूदगी ने समारोह को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव से भर दिया।

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