मुंबई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के संबंध व्यापक रणनीतिक साझेदारी के वादे पर खरे उतर रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत हो रहे सहयोग, उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्क और बढ़ते आर्थिक संबंधों को द्विपक्षीय साझेदारी की प्रमुख उपलब्धियां बताया। जयशंकर मुंबई में यूएई के उप-प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और उनके उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को संबोधित कर रहे थे।
शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए जयशंकर ने कहा कि एक दशक से अधिक समय से जारी निरंतर सहयोग ने भारत-यूएई संबंधों को नई मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि आज दोनों देशों की साझेदारी व्यापक रणनीतिक संबंधों के रूप में अपनी क्षमता और उद्देश्य को साकार कर रही है।
दोनों देशों के नेतृत्व के बीच बढ़ा संपर्क
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत और यूएई के बीच मजबूत होते संबंधों का श्रेय दोनों देशों के नेतृत्व के बीच बढ़ते संवाद और आपसी सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर कई महत्वपूर्ण संपर्क हुए हैं, जो दोनों देशों के रिश्तों की गहराई को दर्शाते हैं।
जयशंकर ने जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद के भारत दौरे, फरवरी में क्राउन प्रिंस शेख खालिद की एआई इम्पैक्ट समिट और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदारी तथा मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई की आठवीं यात्रा का उल्लेख किया। उनके अनुसार, इन उच्चस्तरीय मुलाकातों ने दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर के पार
भारत और यूएई के आर्थिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए जयशंकर ने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल और क्षेत्रीय चुनौतियों के बावजूद दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी लगातार नए मानक स्थापित कर रही है। उन्होंने बताया कि व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर होने के बाद से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच दोतरफा निवेश में भी लगातार वृद्धि हो रही है। यह एक-दूसरे की अर्थव्यवस्थाओं में कारोबारी जगत के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। आर्थिक सहयोग के विस्तार से व्यापार, निवेश और कारोबारी साझेदारी के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
जयशंकर ने रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में साझेदारी अब अधिक रणनीतिक स्वरूप ले रही है, जिससे भारत और यूएई के दीर्घकालिक हितों को मजबूती मिल रही है।
खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर भारत की नजर
खाड़ी क्षेत्र में मौजूदा परिस्थितियों और क्षेत्रीय चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत संवाद और कूटनीति के सभी प्रयासों का समर्थन करेगा। उन्होंने व्यापार, ऊर्जा और उर्वरकों के मुक्त एवं सुरक्षित प्रवाह के महत्व पर जोर दिया।
भारत के लिए खाड़ी क्षेत्र आर्थिक, ऊर्जा और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ऐसे में क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को निर्बाध रखना दोनों देशों सहित व्यापक क्षेत्रीय हितों के लिए अहम है।
यूएई में भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए जताया आभार
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूएई के नेतृत्व का वहां रह रहे भारतीय समुदाय की देखभाल और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच मजबूत जनसंपर्क और मैत्रीपूर्ण संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जयशंकर ने शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान का भारत में स्वागत करते हुए इसे अपना दूसरा घर बताया। भारत और यूएई के बीच बढ़ता राजनीतिक संवाद, व्यापारिक सहयोग, निवेश और लोगों के बीच मजबूत संपर्क दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दे रहे हैं।
