Home » उत्तर प्रदेश » मुजफ्फरनगर पोस्ट » मुजफ्फरनगर में जयंत चौधरी की हुंकार! बोले- भेदभाव नहीं, संवाद और समन्वय चाहिए; युवाओं-किसानों से लेकर वेस्ट यूपी के विकास तक उठाए सवाल

मुजफ्फरनगर में जयंत चौधरी की हुंकार! बोले- भेदभाव नहीं, संवाद और समन्वय चाहिए; युवाओं-किसानों से लेकर वेस्ट यूपी के विकास तक उठाए सवाल

Facebook
Twitter
WhatsApp

मुज़फ़्फ़रनगर। पचेंडा रोड स्थित प्लेटिनम बैंक्वेट हॉल के मैदान में रविवार को राष्ट्रीय लोकदल की ओर से सामाजिक समरसता सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में RLD के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी पहुंचे। उनके साथ पार्टी और सरकार से जुड़े कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। सम्मेलन में सामाजिक भाईचारे, सर्वसमाज की भागीदारी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठे।

जयंत चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक समरसता का मतलब यह नहीं है कि सभी लोग एक जैसा सोचें, खान-पान या रहन-सहन भी एक जैसा हो। उनके मुताबिक अलग-अलग विचार और विविधता के बावजूद एक-दूसरे का सम्मान करना और समाज के बीच संबंधों को मजबूत रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भेदभाव और टकराव के बजाय संवाद, समन्वय और साझेदारी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

जयंत ने अपने भाषण में डॉ. भीमराव अंबेडकर और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता और बराबरी को महत्व दिया जाना चाहिए। चौधरी चरण सिंह के जाति व्यवस्था के खिलाफ रुख का उदाहरण देते हुए उन्होंने शिक्षण संस्थानों के नामों से जातिगत पहचान हटाने की चर्चा की।

उन्होंने रालोद कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद करने और केवल अपने समर्थकों या परिचितों तक सीमित नहीं रहने की अपील की। जयंत ने कहा कि कार्यकर्ता हर घर तक पहुंचें, लोगों की समस्याएं सुनें और यह समझें कि गांव के सामने भविष्य की क्या चुनौतियां हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का जिक्र करते हुए जयंत चौधरी ने एक्सप्रेसवे, हाईवे, रैपिड रेल और प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कनेक्टिविटी सहित इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की बात कही। उन्होंने सेमीकंडक्टर, डेटा साइंस और नए उद्योगों के साथ युवाओं के कौशल विकास की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांवों के युवाओं को उद्यमिता और नए अवसरों से जोड़ना जरूरी है।

ALSO READ THIS :  मुज़फ़्फ़रनगर में महिला के साथ मारपीट का VIDEO वायरल: पेट पर मारी जोर से लात, हाथ में टूटा डंडा लिए दिखा व्यक्ति, झाड़ू पकड़े नज़र आई महिला

जयंत चौधरी ने किसानों के मुद्दे को भी अपने भाषण में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी खेती नहीं करना चाहती तो उसके लिए रोजगार और नए अवसर क्या होंगे, यह भविष्य का महत्वपूर्ण सवाल है। उन्होंने फसल के उचित मूल्य, शिक्षा और ग्रामीण युवाओं के रोजगार से जुड़े सवालों को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रखने की बात कही।

उन्होंने अपने संबोधन में PM SETU योजना का भी जिक्र किया और दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसके तहत पहला क्लस्टर स्वीकृत हुआ है। उनके अनुसार मेरठ हब के पांच सरकारी ITI में अगले पांच वर्षों में 241 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और मुज़फ़्फ़रनगर ITI को भी अगले चरण में विकास कार्यों से जोड़ा जाएगा।

जयंत चौधरी ने कहा कि रालोद की कोशिश सामाजिक दूरी घटाने और अलग-अलग वर्गों के बीच संवाद बढ़ाने की है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 31 अक्टूबर तक समरसता अभियान के तहत गांवों और बस्तियों में लगातार संपर्क करने का आह्वान किया। उन्होंने 23 दिसंबर को चौधरी चरण सिंह की जन्मस्थली नूरपुर में कार्यक्रम आयोजित किए जाने की भी जानकारी दी।

[wonderplugin_slider id=1]

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें