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झारखंड में JPSC JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन 21वें दिन भी जारी, बोले ‘नौकरी तो बेच ही दी, अब जान भी ले लीजिए’

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रांची। झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को लगातार 21वें दिन भी जारी रहा। बड़ी संख्या में छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा रद्द करने, मामले की CBI जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं।

आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि वे पिछले 21 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।

भूख हड़ताल के 10वें दिन छात्र की तबीयत बिगड़ी

आंदोलन में शामिल एक छात्र ने अपनी स्थिति बताते हुए कहा कि शुक्रवार को उसकी भूख हड़ताल का 10वां दिन है और लगातार अनशन के कारण उसकी सेहत बिगड़ रही है।

छात्र के मुताबिक आंदोलन के छठे दिन उसकी हालत काफी खराब हो गई थी, जिसके बाद उसे तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां मेडिकल टीम ने उसकी जांच की। कुछ सुधार महसूस होने के बाद वह 10 अगस्त को विधानसभा के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच गया।

उसने बताया कि अस्पताल से उसे छुट्टी नहीं मिली थी, इसके बावजूद वह वहां से निकलकर छात्रों के प्रदर्शन में शामिल हुआ।

‘नौकरी तो पहले ही बेच दी, अब जान भी ले लीजिए’

अनशन पर बैठे छात्र ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आखिर सरकार चाहती क्या है। उसने आरोप लगाया कि झारखंड के छात्र अनशन पर बैठे हैं और उनकी लगातार बिगड़ती सेहत के बावजूद सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही है।

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छात्र ने तीखे शब्दों में कहा, “नौकरी तो आप लोगों ने पहले ही बेच दी हैं। सब तो लूट लिए हैं, अब जान भी ले लीजिए।”

छात्रों का कहना है कि उनकी लड़ाई केवल अपनी नौकरी के लिए नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए भी है।

21 दिन से जारी है अनिश्चितकालीन आंदोलन

छात्र नेता रवींद्र कुमार पासवान ने कहा कि आंदोलन का शुक्रवार को 21वां दिन है और यह अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, प्रदर्शन जारी रहेगा।

पासवान ने बताया कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आंदोलनकारी छात्र तिरंगा यात्रा निकालेंगे। उन्होंने कहा कि यह तिरंगा यात्रा सरकार को यह संदेश देने के लिए होगी कि आंदोलन कर रहे छात्रों के मन में देश के प्रति प्रेम और राष्ट्रवाद की भावना पूरी तरह मौजूद है।

सरकार से परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग

आंदोलनकारी छात्र JPSC और JSSC से संबंधित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में संबंधित परीक्षा को रद्द करना, पूरे मामले की CBI जांच कराना और भर्ती प्रक्रिया में आवश्यक सुधार शामिल हैं।

छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को किसी तरह का नुकसान न हो।

‘मांगें पूरी नहीं हुईं तो देशभर से जुटेंगे छात्र’

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि सरकार से उनकी बातचीत लगातार चल रही है, लेकिन अभी तक उनकी मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है।

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छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो देश के अलग अलग हिस्सों से छात्र झारखंड पहुंचकर आंदोलन में शामिल होंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक हो सकता है।

मंत्री के बयान पर छात्र नेताओं ने जताई नाराजगी

झारखंड सरकार की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की की ओर से छात्रों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों को छात्र नहीं बताए जाने संबंधी कथित बयान पर भी प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताई।

छात्र नेता रवींद्र कुमार पासवान ने कहा कि मंत्री की ओर से दिए गए कुछ बयान उन्हें उचित नहीं लगते। उन्होंने कहा कि बिना जांचे परखे और बिना पूरी जानकारी के इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।

पासवान ने कहा कि मंत्री युवा और शिक्षित हैं और उन्हें छात्रों के आंदोलन को गंभीरता से समझने की कोशिश करनी चाहिए।

‘विरोध में शामिल हर व्यक्ति छात्र हो, यह जरूरी नहीं’

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी आंदोलन में शामिल हर व्यक्ति का केवल छात्र होना जरूरी नहीं है। उसने दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए नीट छात्रों के विरोध प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी केवल छात्र ही मौजूद नहीं थे, बल्कि उनके अभिभावक और अन्य समर्थक भी आंदोलन में शामिल हुए थे।

प्रदर्शनकारी ने कहा कि इसी तरह झारखंड में चल रहे आंदोलन में भी छात्र और उनके समर्थक शामिल हो सकते हैं। उसके मुताबिक प्रदर्शनकारियों को केवल इस आधार पर खारिज करना उचित नहीं है।

15 अगस्त को तिरंगा यात्रा निकालेंगे आंदोलनकारी

JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर जारी आंदोलन के बीच छात्र स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा निकालने की तैयारी कर रहे हैं। छात्र नेता रवींद्र कुमार पासवान ने कहा कि यात्रा के माध्यम से वे सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि वे देश के भविष्य को लेकर गंभीर हैं और राष्ट्र के प्रति उनके मन में सम्मान और जिम्मेदारी की भावना है।

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फिलहाल छात्रों का धरना और भूख हड़ताल जारी है। आंदोलनकारियों की मांगों पर सरकार की ओर से अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।

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