लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के मनौरी बाजार में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। सोमवार देर रात जिले की एसओजी और चरवा थाना पुलिस की मुख्य आरोपी नौशाद अली के साथ मुठभेड़ हो गई। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पटाखा फैक्ट्री में आग के बाद हुए थे कई धमाके
यह कार्रवाई पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार को हुई उस भयावह घटना के बाद की गई है, जिसमें एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक आग लग गई थी। आग लगने के बाद फैक्ट्री में लगातार कई धमाके हुए, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हादसे में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया।
घटना के बाद पुलिस ने मामले में छह आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अब सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
तड़के चार बजे मिली मुख्य आरोपी के भागने की सूचना
सीओ शिवांक सिंह के अनुसार, मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं। सोमवार देर रात से ही आरोपी की तलाश की जा रही थी।
पुलिस को मंगलवार तड़के करीब चार बजे मुखबिर से सूचना मिली कि घटना का मुख्य आरोपी इलाके से भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी कर दी।
पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें नौशाद के पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान नौशाद के रूप में बताई। पुलिस के अनुसार उसका उपचार चल रहा है और उससे घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
छह आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, थाना पिपरी क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंची थीं। राहत और बचाव कार्य के साथ ही घटना की जांच शुरू कर दी गई।
मामले में छह आरोपियों के खिलाफ पिपरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद शबाना पत्नी शकील और साइना पुत्री शकील निवासी महमूदपुर को नियमानुसार हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
पटाखा फैक्ट्री की सूचना दर्ज न करने पर पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
हादसे के बाद पुलिस विभाग ने अपने स्तर पर भी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक ने घटना में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में तीन पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया।
इनमें थाना प्रभारी पिपरी विकास सिंह, चौकी पांच प्रभारी चायल सब इंस्पेक्टर अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी चायल सब इंस्पेक्टर मनीष पाल शामिल हैं।
इसके अलावा थाना पिपरी में तैनात बीट कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और कांस्टेबल कृष्ण कुमार को भी निलंबित कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों पर पटाखा फैक्ट्री के संचालन से संबंधित सूचना दर्ज नहीं कराने और घोर लापरवाही बरतने का आरोप है।
NDRF और SDRF ने संभाला राहत एवं बचाव मोर्चा
जिला मजिस्ट्रेट अमित पाल शर्मा ने बताया कि हादसे के बाद नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की टीमें मौके पर पहुंचीं।
दोनों टीमों ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य किया। मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को देखते हुए भी अभियान चलाया गया।
प्रशासन की ओर से घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और राहत कार्यों की निगरानी की गई।
मुख्यमंत्री योगी ने जताया दुख, पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद का ऐलान
कौशाम्बी में हुए हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख जताया। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा। सरकार की ओर से हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।
धमाकों से दहला मनौरी, अब पुलिस का शिकंजा; मुख्य आरोपी मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार
मनौरी की पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था और अवैध या नियमों के विपरीत पटाखा निर्माण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों में मातम पसरा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने मामले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
मुख्य आरोपी नौशाद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले में नामजद अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। साथ ही फैक्ट्री के संचालन से जुड़ी परिस्थितियों, सुरक्षा मानकों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि हादसे के बाद जिम्मेदार लोगों पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया जारी है।


