लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में ‘नागमणि’ देने के नाम पर नेपाल के नागरिकों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पढुआ थाना पुलिस ने रविवार सुबह कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को मल्लबेहड़ दुलही पुल के पास से दबोचा। पुलिस ने उसके कब्जे से ठगी की रकम में से तीन लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने कुछ अज्ञात साथियों के साथ मिलकर नेपाल के नागरिकों को दुर्लभ ‘नागमणि’ दिलाने का लालच दिया था। इसके बाद उन्हें झांसे में लेकर लाखों रुपये ऐंठ लिए गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की और रविवार सुबह मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
तीन नेपाली नागरिकों ने दर्ज कराई शिकायत
पुलिस के अनुसार, नेपाल के ललितपुर जिले के रहने वाले कृष्ण पहरी, गोरखा जिले के अर्जुन और तनहु जिले के भक्त बहादुर विक ने शनिवार 8 अगस्त को पढुआ थाने में लिखित शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि निघासन थाना क्षेत्र के हरसिंहपुर निवासी कमलेश कुमार और उसके कुछ अज्ञात साथियों ने उन्हें दुर्लभ ‘नागमणि’ उपलब्ध कराने का लालच दिया। आरोपी की बातों पर भरोसा करने के बाद पीड़ितों से लाखों रुपये ले लिए गए।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 317(2) के तहत मुकदमा संख्या 432/2026 दर्ज किया गया है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी और उसके साथियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने आरोपियों की गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
रविवार सुबह करीब 7 बजकर 47 मिनट पर पुलिस को आरोपी के संबंध में सटीक सूचना मिली। सूचना के आधार पर पढुआ थाना पुलिस ने मल्लबेहड़ दुलही पुल के पास घेराबंदी की।
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। इसी दौरान मुख्य आरोपी कमलेश कुमार को पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 34 वर्षीय कमलेश कुमार पुत्र राम आसरे के रूप में हुई है। वह निघासन थाना क्षेत्र के हरसिंहपुर का रहने वाला बताया गया है।
तलाशी में तीन लाख रुपये बरामद
पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके कब्जे से तीन लाख रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस का दावा है कि यह रकम नेपाली नागरिकों से की गई ठगी से संबंधित है।
नकदी बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अब ठगी की कुल रकम और गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
गिरोह के अन्य साथियों की तलाश तेज
पुलिस के मुताबिक, इस ठगी में कमलेश कुमार के साथ कुछ अन्य लोग भी शामिल थे, जिनकी पहचान अभी नहीं हो सकी है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसके फरार साथियों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है।
संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि मुख्य आरोपी से पूछताछ के बाद गिरोह के बाकी सदस्यों और ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
अदालत में पेश करने की तैयारी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में फरार अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
‘नागमणि’ के नाम पर ठगी का खेल
‘नागमणि’ जैसी दुर्लभ वस्तु दिलाने का लालच देकर लोगों से पैसे ऐंठने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। इस तरह के मामलों में ठग धार्मिक आस्था, अंधविश्वास या दुर्लभ वस्तु मिलने का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।
लखीमपुर खीरी का यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें नेपाल के नागरिकों को कथित तौर पर निशाना बनाया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी गिरोह कितने समय से सक्रिय था और इसके जरिए अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है।



