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मायावती का भाजपा-आप पर बड़ा हमला, बोलीं- संत रविदास के नाम पर राजनीति से सतर्क रहे समाज, ‘बेगमपुरा’ के संदेश को आगे बढ़ाएं

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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने संतगुरु रविदास जी के तुगलकाबाद स्थित गुरुघर को वर्ष 2019 में ढहाए जाने और इसके विरोध में हुए आंदोलन का मुद्दा उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। मायावती ने आरोप लगाया कि पंजाब विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही संतगुरु रविदास जी के नाम पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और समाज को उनके समानता, सम्मान और न्याय पर आधारित ‘बेगमपुरा’ के लक्ष्य से भटकाने की कोशिश की जा रही है।

बसपा सुप्रीमो ने समाज के लोगों से भाजपा और आम आदमी पार्टी की राजनीति से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि संतगुरु रविदास जी के विचारों और उनके सामाजिक संदेश को केवल राजनीतिक फायदे तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उनके सम्मान, समानता और न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास होना चाहिए।

तुगलकाबाद के गुरुघर का मुद्दा फिर उठाया

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने बयान में वर्ष 2019 की घटना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 10 अगस्त 2019 को दिल्ली के तुगलकाबाद में संतगुरु रविदास जी के पवित्र गुरुघर को बुलडोजर और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ढहा दिया गया था।

उन्होंने कहा कि गुरुघर गिराए जाने के विरोध में देशभर की संगत लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरी थी। आंदोलन के दौरान लोगों को लाठीचार्ज, आंसू गैस, गिरफ्तारियों और मुकदमों का सामना करना पड़ा। मायावती के मुताबिक, इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को जेल भी जाना पड़ा था।

गुरुघर की भूमि छीनने का लगाया आरोप

बसपा प्रमुख ने कहा कि गुरुघर की भूमि भी छीन ली गई और आज भी संगत को लोहे के अस्थायी टीन शेड में अपने गुरुजी के दर्शन और माथा टेकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाली है और समाज की स्मृति में आज भी यह घटना अंकित है।

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मायावती ने कहा कि संतगुरु रविदास जी के अनुयायियों के लिए गुरुघर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि उनकी आस्था और सामाजिक सम्मान से जुड़ा विषय है। ऐसे में इससे जुड़े अधिकारों और धार्मिक स्थलों की गरिमा की रक्षा को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

पंजाब चुनाव से पहले कलश यात्रा को लेकर निशाना

मायावती ने पंजाब चुनाव का जिक्र करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा संतगुरु रविदास जी के नाम पर कलश यात्रा निकाल रही है और इसके जरिए समाज को गुरुजी के ‘बेगमपुरा’ के लक्ष्य से भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि संतगुरु रविदास जी का संदेश किसी राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। उनके विचार समाज में समानता, सम्मान, न्याय और भेदभाव से मुक्ति की बात करते हैं। इसलिए समाज को राजनीतिक गतिविधियों और संत रविदास जी के मूल विचारों के बीच अंतर समझना चाहिए।

धलेता गांव की घटना का भी किया जिक्र

बसपा सुप्रीमो ने पंजाब के धलेता गांव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वहां गुरुघर की दीवार गिराए जाने के मामले में संगत और बसपा ने आवाज उठाई थी। उनके मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तारियां भी हुईं।

मायावती ने दावा किया कि अंततः आम आदमी पार्टी की सरकार को झुकना पड़ा और गुरुघर का पुनर्निर्माण कराना पड़ा। उन्होंने इसी घटनाक्रम के आधार पर भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों की राजनीति से समाज को सतर्क रहने की अपील की।

‘बेगमपुरा’ के संकल्प को मजबूत करने की अपील

मायावती ने कहा कि संतगुरु रविदास जी ने ऐसे समाज की कल्पना की थी जिसमें किसी तरह का भेदभाव, अन्याय और पराधीनता न हो। उनका ‘बेगमपुरा’ का विचार सम्मान, समानता और न्याय पर आधारित समाज की दिशा दिखाता है।

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उन्होंने लोगों से अपील की कि संतगुरु रविदास जी के आदर्शों और उनके संदेश को घर-घर तक पहुंचाया जाए। साथ ही गुरुघरों की गरिमा, धार्मिक अधिकारों और संतगुरु रविदास जी के सपनों के अनुरूप पराधीनता मुक्त समाज के निर्माण के संकल्प को मजबूत किया जाए।

तुगलकाबाद से धलेता तक सम्मान यात्रा

मायावती ने बताया कि ‘पराधीनता का अंत और बेगमपुरा का संकल्प’ संतगुरु रविदास जी सम्मान यात्रा तुगलकाबाद से धलेता गांव तक पहुंच रही है। उन्होंने इस यात्रा में समूह संगत को सादर आमंत्रित करते हुए संतगुरु रविदास जी के विचारों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की अपील की।

बसपा प्रमुख ने कहा कि समाज को अपने धार्मिक और सामाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहना होगा तथा संतगुरु रविदास जी के सम्मान, समानता और न्याय के संदेश को राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर रखते हुए आगे बढ़ाना होगा।

 

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