नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार इलाके में एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के खातों से पैसे निकालने वाले एक शातिर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी एटीएम बूथ में लोगों का ध्यान भटकाकर उनका पिन देख लेता था और इसके बाद चालाकी से उनका एटीएम कार्ड बदल देता था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बाद में बदले गए कार्ड का इस्तेमाल अवैध लेनदेन और खाते से रकम निकालने के लिए करता था।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से तीन एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। उसकी पहचान 30 वर्षीय आसिफ के रूप में हुई है। वह गाजियाबाद के लोनी इलाके का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले भी छह आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
एटीएम में मदद के बहाने बनाया शिकार
पुलिस के मुताबिक, 17 सितंबर को सुबह करीब 11 बजकर 15 मिनट पर मो. गालिब हुसैन त्रिलोकपुरी स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे थे। इसी दौरान दो अज्ञात लोगों ने उनसे बातचीत शुरू कर दी।
आरोप है कि दोनों ने बातचीत के दौरान उनका ध्यान भटका दिया और इसी दौरान उनका एटीएम पिन देख लिया। इसके बाद आरोपियों ने धोखे से उनका एटीएम कार्ड बदल दिया और उन्हें उसी तरह दिखने वाला दूसरा कार्ड थमा दिया।
कुछ देर बाद गालिब हुसैन को कार्ड बदले जाने का शक हुआ। उन्होंने अपना कार्ड चेक किया तो उनके पास मौजूद कार्ड उनका नहीं था। इसके बाद उन्होंने आसपास के एटीएम बूथों में संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी।
दूसरे एटीएम पर दिखे संदिग्ध, एक आरोपी पकड़ा गया
शिकायतकर्ता को त्रिलोकपुरी में ही एक्सिस बैंक के दूसरे एटीएम के पास वही संदिग्ध नजर आ गए। शिकायतकर्ता ने उनका सामना किया तो दोनों वहां से भागने लगे।
पुलिस को सूचना मिलने के बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई की और एक आरोपी आसिफ को पकड़ लिया। मामले में मयूर विहार थाने में एफआईआर संख्या 416/2026 दर्ज की गई है।
पूछताछ में सामने आया ठगी का तरीका
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी के साथ मिलकर ऐसे लोगों को निशाना बनाता था जिन्हें एटीएम का इस्तेमाल करने में परेशानी होती थी।
आरोपी एटीएम बूथ के अंदर लोगों से बातचीत कर उनका ध्यान भटकाता था। इसी दौरान वह उनका पिन देख लेता और मौका मिलते ही एटीएम कार्ड बदल देता था। कार्ड हाथ लगने के बाद आरोपी और उसका साथी उससे अवैध लेनदेन करते थे।
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का एक अन्य आरोपी अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस टीमों को लगाया गया है।
छह मामलों में पहले से दर्ज है आरोपी का नाम
पुलिस जांच में सामने आया है कि आसिफ के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें कृष्णा नगर, मानसरोवर पार्क, बुराड़ी, साइबर नॉर्थ-ईस्ट, जगतपुरी और हर्ष विहार थानों में दर्ज मामले शामिल हैं।
पुलिस अब आरोपी के पुराने मामलों और उसके साथियों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने इसी तरीके से और कितने लोगों को अपना निशाना बनाया।
दो मामलों का हुआ खुलासा
पुलिस का कहना है कि आसिफ की गिरफ्तारी से फिलहाल दो मामलों का खुलासा हुआ है। इनमें मयूर विहार थाने का मौजूदा मामला और पीआईए पुलिस स्टेशन से संबंधित एक ई-एफआईआर शामिल है।
पुलिस अब आरोपी से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। साथ ही संभावित पीड़ितों की पहचान और उसके गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है।
साथी की तलाश में जुटी पुलिस
यह कार्रवाई मयूर विहार के एसीपी की निगरानी में और एसएचओ इंस्पेक्टर दिनेश मोरल के निर्देशन में की गई। पुलिस अब फरार साथी की तलाश कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने किन-किन एटीएम बूथों पर इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया और उसके पास बरामद तीन एटीएम कार्ड किन लोगों से संबंधित हैं। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है।

