मुज़फ़्फ़रनगर के सिखेड़ा थाना क्षेत्र के बेहड़ा आस्सा गांव से रहस्यमय तरीके से गायब हुए विकसित उर्फ रॉकी का मामला अब और ज्यादा सनसनीखेज होता जा रहा है। पहले जहां परिवार ने रॉकी की पत्नी और उसके पूर्व पति के बेटे पर अपहरण और हत्या का शक जताया था, वहीं अब पुलिस की दबिश के बाद इस केस में नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित परिवार के लगातार दबाव और ग्रामीणों की पंचायत के बाद सिखेड़ा थाना पुलिस ने रॉकी की कथित दूसरी पत्नी रेणु की तलाश शुरू की। इसी सिलसिले में पुलिस टीम पीड़ित परिवार के साथ बागपत जनपद के बड़ौत स्थित रेणु के घर पहुंची। लेकिन वहां जो नजारा मिला, उसने पूरे मामले को और ज्यादा रहस्यमय बना दिया।

बताया जा रहा है कि रेणु का घर बंद मिला और दरवाजे पर ताला लटका हुआ था। इतना ही नहीं, रेणु, उसके बेटे और यहां तक कि उसकी बेटी का मोबाइल फोन भी लगातार स्विच ऑफ मिला। पुलिस और परिवार को आशंका है कि पूरा परिवार अचानक घर छोड़कर फरार हो गया है।
रॉकी के पिता मगन सिंह पहले ही पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगा चुके हैं कि उनका बेटा 18 मई को पत्नी रेणु के साथ ऋषिकेश जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन उसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिला। परिवार का दावा है कि रॉकी के दोनों मोबाइल लगातार बंद हैं और रेणु बार-बार बयान बदल रही थी। कभी वह संपर्क टूटने की बात कहती, तो कभी अलग-अलग कहानियां सुनाती रही।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि रॉकी का अपहरण कर उसकी हत्या की जा चुकी हो सकती है और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को कहीं ठिकाने लगा दिया गया। परिवार ने रेणु और उसके पूर्व पति के बेटे बादल तोमर निवासी भोपा पर भी गंभीर शक जताया है।
मामले में पुलिस की शुरुआती सुस्ती को लेकर गांव में पहले ही भारी नाराज़गी है। कुछ दिन पहले पीड़ित परिवार के घर हुई पंचायत में ग्राम प्रधान सोनू फौजी उर्फ मनोज चौधरी समेत सैकड़ों ग्रामीण जुटे थे और पुलिस को जल्द खुलासा करने की चेतावनी दी थी। अब रेणु और उसके परिवार के अचानक फरार मिलने के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं और शक गहरा गए हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर विकसित उर्फ रॉकी कहां है? क्या वह जिंदा है, या फिर उसके साथ कोई बड़ी वारदात हो चुकी है? वहीं अब पुलिस के सामने रेणु और उसके परिवार को तलाशना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।



