मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में जमीनी विवाद को लेकर जानलेवा हमले के 16 साल पुराने मामले में अदालत ने चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शनिवार को एडीजे/स्पेशल एससी/एसटी कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार ने रामअवतार, प्रदीप, कुंवरपाल और जनेश्वर को दोषी करार देते हुए प्रत्येक पर 1,05,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। यह मामला वर्ष 2010 का है, जिसमें जमीन विवाद के चलते एक परिवार पर हमला करने और जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने का आरोप था।
दरअसल, 28 मार्च 2010 को रामराज थाना क्षेत्र के गांव हुसैनपुर निवासी विजयपाल पुत्र शंकर सिंह ने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रामअवतार पुत्र नेतासिंह चौहान, प्रदीप पुत्र रामअवतार, कुंवरपाल पुत्र सूरजमल चौहान और बिजनौर जिले के हीमपुरदीपा थाना क्षेत्र के फैजीपुर निवासी जनेश्वर पुत्र हरज्ञान ने जमीन विवाद के चलते एकराय होकर उनके परिवार पर हमला किया। आरोप था कि इस दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई।
शिकायत के आधार पर थाना रामराज में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जनेश्वर को 30 मार्च 2010 को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था, जबकि रामअवतार, प्रदीप और कुंवरपाल ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर 15 मई 2010 को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। एडीजीसी आशीष त्यागी और कोर्ट पैरोकार आरक्षी दानिश ने मामले में पैरवी की।

