मुजफ़्फ़रनगर में बीजेपी के नवनियुक्त उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पहली बार पहुंचे, लेकिन उन्होंने अपनी कार से कदम बाहर तक नहीं रहा।
दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे 58 पर गुप्ता रिसॉर्ट के पास सैंकड़ों बीजेपी कार्यकर्ता, पदाधिकारी और नेता घंटों से स्वागत के लिए खड़े थे, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष ने कार से बाहर निकलने की जहमत नहीं उठाई।
कार में बैठे-बैठे हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया और काफिला आगे बढ़ गया।

देवबंद जाते समय छोटा ठहराव
प्रदेश अध्यक्ष सहारनपुर के देवबंद में शोकसभा में शामिल होने जा रहे थे। इसी वजह से समय की कमी बताते हुए राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने स्थिति को संभालने की कोशिश की।
• उन्होंने कहा,
“बेहद शॉर्ट टाइम में कार्यक्रम बना था। देवबंद में शोकसभा में शामिल होने जा रहे हैं, इसलिए समय की कमी के कारण रुक नहीं पाए।”

राज्यमंत्री और जिला अध्यक्ष मौजूद, कार्यकर्ता निराश
राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल, जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी समेत तमाम दिग्गज बीजेपी नेता और पूरी कार्यकारिणी मौजूद थी। लेकिन प्रदेशाध्यक्ष अपने कार्यकर्ताओं के लिए चंद मिनटों के लिए भी नहीं रुके, जिसको लेकर कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों में रोष देखने को मिला।
घंटों खड़े रहकर इंतज़ार के बाद भी प्रदेश अध्यक्ष ने कार से उतरकर एक शब्द तक नहीं बोला।
दबी जुबान में कार्यकर्ताओं का कहना था कि “ये कैसा नेतृत्व है जो अपने ही कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर दे?”

कार्यकर्ताओं में नाराजगी, बीजेपी में चर्चा
यह घटना मुजफ्फरनगर के राजनीति हलके में चर्चा का विषय बन गई है। बीजेपी कार्यकर्ताओं में निराशा और नाराजगी है। प्रदेश अध्यक्ष के इस रवैये से कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटा है। अब देखना है कि बीजेपी हाईकमान इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है।
क्या कहते हैं जिलाध्यक्ष?
बीजेपी जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी का कहना है कि ‘शोक सभा में जाने के कारण वो रुके नहीं। कार्यकर्ताओं में कोई नाराज़गी नहीं है।’



