मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने पश्चिम उत्तर प्रदेश की लगातार बढ़ती प्रदूषण समस्या और अन्य लंबित मांगों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। आगामी 27, 28 और 29 जनवरी को प्रयागराज में राष्ट्रीय चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा।
इसकी जानकारी आवास विकास कॉलोनी स्थित राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक के निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में दी गई।
प्रदूषण, आरडीएफ और कोर्ट बेंच पर केंद्रित चर्चा
धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि चिंतन शिविर में मुख्य रूप से पश्चिम उत्तर प्रदेश में बढ़ते प्रदूषण पर गहन विचार-विमर्श होगा। साथ ही पश्चिम यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग, कैंसर स्पेशलिस्ट इंस्टीट्यूट, एम्स और पीजीआई की मांग को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।
- उन्होंने कहा,
“प्रदूषण अब जीवन-मरण का सवाल बन चुका है। आरडीएफ के नाम पर कचरा जलाने से हवा जहर हो रही है। राज्य सरकार ने आज तक कोई स्पष्ट दिशानिर्देश जारी नहीं किए।”

फरवरी से आरडीएफ पर पूर्ण रोक!
राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने साफ कहा कि चिंतन शिविर समाप्त होते ही फरवरी महीने से मुजफ्फरनगर में आरडीएफ का एक भी ट्रक नहीं घुसेगा।
उन्होंने चुनौती दी कि अगर पेपर मिलों के पास आरडीएफ जलाने की सरकारी अनुमति है तो वह सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि किसी भी नगर पालिका के पास आरडीएफ बनाने की मशीन नहीं है। यह सब अवैध और प्रदूषण फैलाने वाला धंधा है।
अन्य मांगें और प्रदर्शन की योजना
धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच, कैंसर स्पेशलिस्ट इंस्टीट्यूट और एक पीजीआई की मांग को लेकर संगठन प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि ये मांगें अब सिर्फ कागजी नहीं रहेंगी—सड़क पर उतरकर इन्हें पूरा करवाया जाएगा।
ट्रेन में अभद्रता पर निंदा
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने संगठन के नाम पर ट्रेन में हुई अभद्रता की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसानों को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए था। ट्रेन में हमारी मां-बहनें बैठी हुई थीं।
शहीद किसानों को सम्मान
मांगेराम त्यागी ने बताया कि संगठन उन सभी किसानों को तलाश करेगा जो आंदोलनों में शहीद हुए। उनके परिजनों को सम्मानित किया जाएगा।
प्रदूषण से नस्ल बचाने की लड़ाई
धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि यह लड़ाई अब सिर्फ प्रदूषण की नहीं, यह आने वाली नस्लों को बचाने की लड़ाई है। पेपर उद्योग ने पानी, वायु, जमीन और स्वास्थ्य सब बर्बाद कर दिया है। अगर हम नहीं लड़े तो अगली पीढ़ी हार जाएगी। उन्होंने सभी से अपील की कि इस संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हों।
प्रशासन पर सवाल
मलिक ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर प्रशासन अपना कार्य नहीं करता तो नागरिकों का अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संघर्ष में अगर उनकी जान भी चली जाए तो इसकी परवाह नहीं।




