- अमित सैनी, मुजफ्फरनगर से ‘द एक्स इंडिया’ के लिए
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना कस्बे में करबला रोड पर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 30 वर्षीय दलित युवक मोनू पुत्र जगदीश को चोर समझकर भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। इस क्रूर घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश फैल गया।
सोमवार सुबह पुलिस को सूचना मिली, जिसके बाद एसपी देहात आदित्य बंसल, सीओ और इंस्पेक्टर ने मौके का मुआयना किया। मृतक के परिवार ने हत्यारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि योग साधना आश्रम के स्वामी यशवीर महाराज ने इसे दलित समुदाय के खिलाफ साजिश करार दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
क्रूर पिटाई और वायरल वीडियो
17 अगस्त 2025 की सुबह बुढ़ाना के करबला रोड पर मोनू को कुछ लोगों ने चोर समझकर घेर लिया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि भीड़ ने उसे बेरहमी से पीटा। इस हमले में मोनू बुरी तरह से घायल हो गया, जिसकी बाद में मौत हो गई।
वीडियो में हमलावर गाली-गलौज करते और हिंसक व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, हमलावरों ने बिना सबूत के मोनू को चोर मान लिया और कानून को हाथ में ले लिया। यह वीडियो रविवार देर रात सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
जांच और कार्रवाई
एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि सोमवार सुबह पुलिस को घटना की जानकारी मिली।
उन्होंने कहा, “चोर समझकर पिटाई करना गैरकानूनी है। भीड़ को तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए था। कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है।”
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और वीडियो में दिख रहे संदिग्धों की पहचान शुरू कर दी है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन अभी कोई औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हुई। बंसल ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद सख्त कार्रवाई होगी।
चुनौतियां और स्थानीय माहौल
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती वीडियो में दिख रहे हमलावरों की सटीक पहचान और उनके खिलाफ सबूत जुटाना है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

“हत्यारों को सजा दो” :कालू, मृतक का भाई
मृतक के भाई कालू ने रोते हुए कहा, “मेरे भाई का चेहरा नीला पड़ गया था। उसे बेरहमी से मारा गया। हम इंसाफ चाहते हैं। जिन्होंने यह किया, उन्हें सजा मिलनी चाहिए।”
परिवार का कहना है कि मोनू मजदूरी करता था और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण यह घटना उनके लिए दोहरी त्रासदी बन गई है।
“दलितों पर सुनियोजित हमला” :स्वामी यशवीर
योग साधना आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने घटना को “दलित समुदाय के खिलाफ साजिश” करार दिया।
उन्होंने कहा, “यह हत्या सुनियोजित थी। समुदाय विशेष ने मोनू को निशाना बनाया। पुलिस को तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”
समाज में गहरे घाव
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में दलित युवक मोनू की चोर समझकर की गई हत्या ने समाज में गहरे घाव छोड़े हैं। वायरल वीडियो ने भीड़तंत्र की क्रूरता और दलित समुदाय के प्रति हिंसा को उजागर किया है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्यारों की पहचान और सजा की उम्मीद है।

Author: अमित सैनी
अमित सैनी एक वरिष्ठ पत्रकार है, जिन्हें नेशनल और इंटरनेशनल मीडिया में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है। श्री सैनी 'द एक्स इंडिया' के प्रधान संपादक भी हैं।