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मुजफ्फरनगर में सेंट्रल टीम की छापेमारी से हड़कंप! 7 पेस्टीसाइड फैक्ट्रियों से भरे गए सैंपल, दुकानों पर भी कार्रवाई

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मुजफ्फरनगर में भारत सरकार की केंद्रीय कीटनाशक प्रयोगशाला की टीम ने पेस्टीसाइड फैक्ट्रियों और दुकानों पर एक साथ छापेमारी की। कुल 7 फैक्ट्रियों से सैंपल कलेक्ट किए गए, कच्चा माल, तैयार उत्पाद और लेखा-जोखा की जांच की गई। फैक्ट्री मालिकों और दुकानदारों में खलबली मची, जांच रिपोर्ट का इंतजार।

मुजफ्फरनगर। जिले में पेस्टीसाइड निर्माण और बिक्री पर केंद्रीय स्तर से सख्त निगरानी बढ़ गई है। फरीदाबाद स्थित भारत सरकार की केंद्रीय कीटनाशक प्रयोगशाला (Central Insecticides Laboratory) की टीम ने बहादरपुर, जानसठ रोड, पुरकाजी खादर और बेहड़ा अस्सा समेत कई इलाकों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की।
टीम ने 7 फैक्ट्रियों से पेस्टीसाइड के सैंपल लिए और कच्चे माल, तैयार उत्पाद तथा लेखा-जोखा की बारीकी से जांच की।

किन-किन फैक्ट्रियों पर मारे गए छापे

टीम ने निम्नलिखित प्रमुख फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की: 

  • बहादरपुर स्थित श्री चक्रधर पेस्टीसाइड
  • जानसठ रोड की नॉर्दन पेस्टीसाइड 
  • जानसठ की ज्योति एग्रो केमिकल 
  • पुरकाजी खादर की रेड जोन 
  • बेहड़ा अस्सा की टेराग्रीन 
  • अन्य 2 फैक्ट्रियां 

इन सभी से कुल 7 सैंपल कलेक्ट कर लैब जांच के लिए भेजे गए। टीम ने पेस्टीसाइड के कच्चे माल (raw material), निर्मित उत्पाद और सभी लेखा-जोखा (accounts) की जांच की ताकि कोई अनियमितता या मानक उल्लंघन छूट न जाए। 

दुकानों पर भी चली छापामार कार्रवाई

कूकड़ा इलाके में शाकुंभरी बीज भंडार, गर्ग बीज भंडार और गंगा पेस्टीसाइड जैसी प्रमुख दुकानों पर भी टीम ने छापा मारा।
दुकानदारों और फैक्ट्री मालिकों में हड़कंप मचा रहा। कई जगहों पर जांच के दौरान मालिकों को स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया गया। 

टीम का नेतृत्व और मुख्य सदस्य

कार्रवाई का नेतृत्व फरीदाबाद भारत सरकार की केंद्रीय कीटनाशक प्रयोगशाला से आए केएल मीणा (CII & DD (WS), PHQHD) ने किया। टीम में सहारनपुर मंडल के उपकृषि निदेशक (कृषि रक्षा) यतेंद्र सिंह और मुजफ्फरनगर के जिला कृषि रक्षा अधिकारी (DIO) राहुल तेवतिया मुख्य रूप से शामिल रहे। 

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‘जांच रिपोर्ट पर निर्भर आगे की कार्रवाई’

जिला कृषि रक्षा अधिकारी राहुल तेवतिया ने कहा,
‘पेस्टीसाइड निर्माण यूनिट और दुकानों समेत कुल 10 जगहों पर कार्रवाई हुई। मौके पर जांच में कोई बड़ी अनियमितता नहीं मिली, लेकिन कुल 7 सैंपल लिए गए हैं। सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।’

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरे वेस्ट यूपी में चल रही है और पेस्टीसाइड की गुणवत्ता, लाइसेंस और मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। 

किसानों और ग्रामीणों में राहत की उम्मीद

स्थानीय किसान और ग्रामीण लंबे समय से घटिया और नकली पेस्टीसाइड से परेशान थे। इस छापेमारी से उम्मीद जगी है कि अब गुणवत्ता पर सख्ती होगी और फसलों को नुकसान से बचाया जा सकेगा।

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