साइबर ठगों ने 1.60 लाख रुपये लूटे, लेकिन मुजफ्फरनगर पुलिस ने महज 7 दिनों में पूरी रकम वापस दिलाई! फर्जी लिंक पर क्लिक न करें, OTP-CVV शेयर न करें!
मुजफ्फरनगर में साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान का एक और सफल परिणाम सामने आया है। थाना तितावी साइबर हेल्पडेस्क ने फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कैम के जरिए लूटी गई कुल 1,60,000 रुपये की पूरी रकम महज 7 दिनों में वापस करा दी। यह कार्रवाई SSP संजय कुमार वर्मा के निर्देशन और SP क्राइम इंदु सिद्धार्थ के पर्यवेक्षण में की गई।
क्या है पूरा मामला?
7 जनवरी 2026 को मांगेराम पुत्र जयसिंह (निवासी हैदरनगर, थाना तितावी) ने साइबर हेल्पडेस्क तितावी में लिखित तहरीर दी। उन्होंने बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने फर्जी लिंक और प्रलोभन के जरिए उनसे 1,60,000 रुपये की धोखाधड़ी की। तहरीर मिलते ही साइबर हेल्पडेस्क की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। संबंधित बैंक से संपर्क कर धनराशि को फ्रीज कराया गया।
7 दिन में पूरी रकम वापस
14 जनवरी 2026 को साइबर हेल्पडेस्क ने पूरी 1,60,000 रुपये की रकम आवेदक मांगेराम के बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी। यह रिकवरी मुजफ्फरनगर पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
साइबर अपराध रोकथाम अभियान जारी
SSP संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में चल रहे साइबर अपराध रोकथाम अभियान के तहत ऐसी रिकवरी अब आम हो रही है। पुलिस का संदेश साफ है कि साइबर ठगों से बचाव के लिए जागरूकता और त्वरित शिकायत जरूरी है।
पीड़ितों के लिए राहत
यह मामला उन हजारों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है जो रोजाना साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। मुजफ्फरनगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों का भरोसा बढ़ा है।
पुलिस की अपील, ‘जागरूक रहें’
मुजफ्फरनगर पुलिस ने जनपदवासियों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आकर अनजान लिंक पर क्लिक न करें। बैंक खाता विवरण, एटीएम पिन, OTP, CVV नंबर आदि किसी के साथ साझा न करें। साइबर फ्रॉड या धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 पर कॉल करें या मुजफ्फरनगर साइबर सेल (मोबाइल 9454401617) या निकटतम थाने में स्थित साइबर हेल्प सेंटर से संपर्क करें।




