मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल के बाहर मुस्लिम फल विक्रेता द्वारा अंधे साधु के साथ मारपीट के विरोध में हिंदू संगठनों ने धरना दिया और हनुमान चालीसा पढ़ा। पुलिस ने जल्द हटाने का वादा किया
मुजफ्फरनगर। ज़िला चिकित्सालय (District Hospital) के बाहर शनिवार को हिंदू संगठनों ने जोरदार धरना दिया। मामला कुछ दिनों पहले एक मुस्लिम फल विक्रेता द्वारा एक नेत्रहीन (blind) बुजुर्ग साधु के साथ की गई मारपीट (assault) से जुड़ा है।
पुलिस ने पहले फल विक्रेता का शांति भंग (breach of peace) में चालान कर केवल औपचारिकता पूरी की थी, लेकिन हिंदू संगठनों की मांग पर उसे हटाया नहीं गया।
हनुमान चालीसा के पाठ से बढ़ा दबाव
संगठनों के नेताओं ने मुस्लिम फल विक्रेता के ठेले के सामने धरना शुरू कर हनुमान चालीसा का पाठ (Hanuman Chalisa recitation) किया। उन्होंने साफ कहा कि जब तक फल विक्रेता को यहां से हटाया नहीं जाएगा, तब तक वे यहीं बैठे रहेंगे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ-पैर फूल गए।

पुलिस ने तुरंत सुलझाया मामला
दबाव बढ़ने पर पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया और संगठनों को आश्वासन दिया कि मुस्लिम फल विक्रेता को जल्द ही वहां से हटा दिया जाएगा। इससे धरना समाप्त हो गया और स्थिति सामान्य हुई।
क्या कहते हैं छत्रपति शिवाजी सेना नेता
छत्रपति शिवाजी सेना के नेता सुमित बजरंगी (Sumit Bajrangi) ने कहा कि मुस्लिम फल विक्रेता लगातार लोगों के साथ दुर्व्यवहार (misbehavior) करता है, जिससे किसी बड़ी घटना (major incident) की आशंका बनी रहती है।
उन्होंने मांग की कि उसे तुरंत हटाया जाए, अन्यथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कार्यालय पर भी धरना शुरू किया जाएगा।

पहले की घटना और संगठनों का रोष
गत दिनों मुस्लिम फल विक्रेता ने अंधे साधु के साथ मारपीट की थी, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने हंगामा किया और उसे हटाने की मांग की थी।
पुलिस ने शांति भंग चालान तो किया, लेकिन इस रश्म अदायगी वाली कार्रवाई ने नाराजगी बढ़ा दी।
संगठनों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है।



