मुज़फ़्फ़रनगर। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान लद्धावाला निवासी 34 वर्षीय शमीम मलिक की रविवार रात करीब 10 बजे मौत हो गई। वह पिछले तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। उनकी मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सकों और अस्पताल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। परिजनों ने स्टाफ पर पैसे लेने का दावा भी किया। घटना से नाराज परिजनों और मोहल्लेवासियों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल में मरीजों की देखभाल की जिम्मेदारी नियमित चिकित्सकों के बजाय इंटर्न डॉक्टरों के भरोसे छोड़ दी जाती है। उनका दावा है कि शमीम मलिक के इलाज में भी लापरवाही बरती गई, जिसके चलते उनकी मौत हुई।
शमीम की मौत की सूचना मिलने पर परिजन और मोहल्ले के लोग जिला अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में देर रात लोगों की भीड़ जुट गई। परिजनों ने उपचार के दौरान हुई कथित लापरवाही पर नाराजगी जताई और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर पैसे लेने के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, कितनी रकम ली गई और किस कर्मचारी ने पैसे लिए, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
शमीम मलिक की मौत के वास्तविक कारणों और इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल परिजन निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

