मुज़फ़्फ़रनगर। कांवड़ यात्रा अपने अंतिम चरम में है, शहर की सड़कों पर लाखों शिवभक्तों का सैलाब है और इसी बीच सोमवार को हुई करीब एक घंटे की मूसलाधार बारिश ने मुज़फ़्फ़रनगर की व्यवस्थाओं की एक तरह से परीक्षा ले ली। बारिश थमने से पहले ही शहर के प्रमुख कांवड़ मार्ग जलमग्न हो गए। शिव चौक से लेकर मीनाक्षी चौक तक सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया और देखते ही देखते ऐसा लगा मानो शहर की मुख्य सड़क ने तालाब का रूप ले लिया हो।
सबसे ज्यादा परेशानी उन शिवभक्तों को उठानी पड़ी, जो इसी मार्ग से होकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। अचानक बढ़े पानी के प्रवाह के बीच दर्जनों डाक कांवड़ियों की बाइक ने जवाब दे दिया। पानी में बाइक बंद होने के बाद कई शिवभक्त सड़क के बीच अपनी गाड़ियां खींचते और धक्का लगाते नजर आए। एक साथ बड़ी संख्या में बाइक खराब होने से कांवड़ मार्ग पर अव्यवस्था और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

बारिश के दौरान हालात तेजी से बिगड़ते गए। शहर की सड़कों पर पानी जमा होता रहा, जबकि कांवड़ियों का लगातार सैलाब आगे बढ़ रहा था। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के सामने एक साथ दोहरी चुनौती खड़ी हो गई। एक तरफ जलभराव से जूझते लोगों और वाहनों को निकालना और दूसरी तरफ लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित आवाजाही बनाए रखना।
स्थिति को गंभीर होता देख प्रशासनिक अमला कार्यालयों से निकलकर सीधे सड़क पर आ गया। जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार के साथ एसपी सिटी अमृत जैन और एएसपी सिद्धार्थ के. मिश्रा भी खुद जलभराव वाले मार्ग पर उतर गए।
अधिकारियों ने सिर्फ मौके का निरीक्षण करने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि सिटी सेंटर से शिव चौक तक पानी के बीच पैदल पहुंचकर हालात का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ उन्होंने मौके पर मौजूद रहकर कांवड़ियों की आवाजाही को व्यवस्थित कराने का प्रयास किया।
पानी से लबालब सड़क पर खड़े अधिकारियों ने शिवभक्तों से लगातार संवाद किया। उन्हें जल्दबाजी न करने, संयम बनाए रखने और सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ने के लिए विनयपूर्वक आग्रह किया गया। पुलिसकर्मी भी जलभराव के बीच कांवड़ियों और उनके वाहनों को रास्ता दिलाने में जुटे रहे।
कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्थाओं और जल निकासी के इंतजाम किए जाने के दावों के बीच सोमवार की बारिश के बाद पैदा हुई स्थिति ने जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए।
दरअसल, बारिश के बाद पानी की निकासी अपेक्षित गति से नहीं हो सकी। नालों और जल निकासी की क्षमता पर पानी का दबाव बढ़ता गया और कुछ ही समय में सड़कें पानी में डूबती चली गईं। अचानक बढ़े पानी के प्रवाह ने कांवड़ मार्ग पर चल रहे श्रद्धालुओं की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
शिव चौक और मीनाक्षी चौक के बीच का इलाका कांवड़ यात्रा के दौरान बेहद संवेदनशील और व्यस्त रहता है। यहां पैदल चलने वाले शिवभक्तों के साथ बड़ी संख्या में बाइक, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य कांवड़ वाहन भी गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पर घुटनों तक पानी भरने से सामान्य आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया।



