मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में इस बार दशहरे पर रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के साथ कॉकरोच का पुतला भी जलाया जाएगा। नुमाइश कैंप ग्राउंड में होने वाले दशहरा उत्सव में 15 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का दहन आकर्षण का केंद्र रहेगा। श्रीराम सेवा दल पिछले 37 वर्षों से लगातार यहां दशहरा दहन उत्सव आयोजित कर रहा है। आयोजकों के मुताबिक, कॉकरोच के पुतले को जलाने का उद्देश्य समाज में फैल रही गंदगी, बुराइयों और माहौल खराब करने वाली प्रवृत्तियों के खिलाफ संदेश देना है।

इस बार उत्सव में रावण का पुतला 65 फीट, मेघनाथ का 55 फीट और कुंभकरण का 50 फीट ऊंचा बनाया गया है। इनके साथ 15 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का भी दहन किया जाएगा, जिसे सोमवार दोपहर करीब 3 बजे खड़ा किया गया। आयोजकों ने इस नए प्रयोग के जरिए पारंपरिक दशहरा उत्सव को सामाजिक संदेश से जोड़ने की कोशिश की है।
आयोजक श्री राम सेवा दल के कोषाध्यक्ष कुलभूषण कुमार बजाज का कहना है कि रावण दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए कॉकरोच के पुतले को समाज में फैली गंदगी और बुरी प्रवृत्तियों के प्रतीक के रूप में तैयार किया गया है। इसका दहन कर ऐसी बुराइयों के अंत का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने ये भी बताया कि पुतलों के निर्माण में करीब 2 लाख रुपए का खर्च आया है।

दशहरा उत्सव के दौरान सभी पुतलों को मंच पर बैठे अतिथि रिमोट का बटन दबाकर एक साथ जलाएंगे। इस बार रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पारंपरिक पुतलों के साथ कॉकरोच का पुतला भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनने की उम्मीद है।
उन्होंने ये भी बताया कि पुतला दहन मंगलवार की शाम 7 बजे से 8 बजे के बीच होगा। इस दौरान DM उमेश कुमार मिश्रा और SSP सूरज कुमार राय के साथ साथ कई गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।

इससे इतर, CFO अनुराग कुमार द्वारा सोमवार को नुमाइश ग्राउंड का निरीक्षण कर।व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया. उन्होंने बताया कि सब कुछ मानकों के मुताबिक है. पुतलों के अंदर छोटे छोटे पटाखे, अनार और फुलझडियां लगाई गई है.
उन्होंने कहा, “मंगलवार सुबह से ही यहां पर दमकल की गाड़ियां खड़ी कर दी जाएगी. साथ ही जहां जहां पुतला दहन किया जाएगा, वहां वहां दमकल की गाड़ियां खड़ी की जाएगी लेकिन जहां तक गाड़ियां नहीं पहुंच सकती, वहां पर आयोजकों को 200 से 250 ड्रम पानी, बाल्टी और रेत आदि की व्यवस्था किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है.

