मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही जबरदस्त बरसात ने भारी कहर बरपाया हुआ है। लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और जनता बेहाल है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच मंसूरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव खानपुर से एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ गुरुवार की देर रात इस जबरदस्त बरसात के चलते एक गरीब परिवार का कच्चा आशियाना भरभराकर जमींदोज हो गया। इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से पत्नी सरोज की जहाँ मौके पर ही दुखद मौत हो गई, वहीं पति कृष्णपाल भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें आनन-फानन में उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
खाली प्लॉट में जलभराव बना हादसे का सबब, तड़के सुबह ढह गई दीवार और छत
घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए ग्राम प्रधान राजीव धनगर ने बताया कि मामला खानपुर गांव की सुभाष कॉलोनी का है। इस कॉलोनी में सरोज पत्नी कृष्णपाल और कृष्णपाल पुत्र पूरन सिंह निवास करते थे। यह परिवार बेहद गरीब है और जिस मकान में वह रह रहे थे, उसकी हालत पहले से ही काफी खस्ता थी। ग्राम प्रधान के अनुसार, मकान के पीछे एक खाली प्लॉट पड़ा हुआ है, जिसमें कॉलोनी का सारा पानी जमा होता है। अत्यधिक बारिश होने और पीछे खाली पड़े प्लॉट में भारी जलभराव होने के कारण मकान की दीवारें पूरी तरह सीढ़ गईं और कमजोर हो गईं। इसके चलते तड़के सुबह लगभग चार से साढ़े चार बजे के बीच अचानक मकान की दीवार और छत दोनों भरभराकर गिर गईं। सुबह करीब पांच बजे जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल शासन और प्रशासन के आला अधिकारियों को इस दर्दनाक हादसे की सूचना दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कॉलोनी करीब दस से पन्द्रह साल पहले काटी गई थी और जिन लोगों ने कॉलोनी काटी थी, उन्होंने कुछ प्लॉट गहराई वाले हिस्से में अपने पास छोड़ दिए थे, जिसके चलते बरसात और घरों का सारा पानी वहीं आकर जमा हो जाता है, जो इस बड़ी दुर्घटना का मुख्य कारण बना।
प्रशासनिक अमला मौके पर मुस्तैद, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
मकान गिरने और महिला की मौत की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें पूरी सक्रियता के साथ राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुँच गईं। प्रशासनिक टीम ने ग्रामीणों की मदद से मलबे को हटवाकर मृतका सरोज के शव को बाहर निकाला और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। इसके साथ ही जिला प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को ढाढस बंधाया गया है और संकट की इस घड़ी में पूरी-पूरी आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है।
मानकों के अनुरूप चौबीस घंटे में मुआवजा देगी सरकार, एसडीएम ने की सतर्क रहने की अपील
इस दुखद हादसे को लेकर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) खतौली ललित मिश्रा ने बताया कि मंसूरपुर के खानपुर गांव में एक महिला की मौत की बेहद दुखद घटना हुई है। सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम तत्काल मौके पर पहुँची और उनके स्वयं के साथ तहसीलदार व खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि शासन द्वारा आपदा राहत के अंतर्गत जो भी मानक निर्धारित किए गए हैं, उनके अनुरूप पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में जहां भी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है, वहां प्रशासन, पुलिस विभाग और ग्राम विकास की टीमें पूरी सक्रियता के साथ तैनात हैं और प्रभावित लोगों की हर संभव मदद कर रही हैं। एसडीएम ललित मिश्रा ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस भारी बारिश के मौसम में जलजमाव वाले क्षेत्रों और जर्जर मकानों से पूरी तरह दूर रहें तथा किसी भी प्रकार की आपातकालीन समस्या होने पर तत्काल जिला प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।



