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मुजफ्फरनगर में तहसील-ब्लॉक स्तर पर बनेगी घरौनी और खतौनी के लिए विशेष डेस्क, किसान दिवस में DM की घोषणा

Muzaffarnagar DM Umesh Mishra on Kisan Diwas
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DM की दो टूक, ‘मेरे पास जादू की छड़ी नहीं, किसानों का सहयोग जरूरी’


मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान दिवस के दौरान जिलाधिकारी (डीएम) उमेश मिश्रा ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए आपसी सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके पास “कोई जादू की छड़ी नहीं है,” लेकिन किसानों और प्रशासन के सहयोग से समस्याओं का निस्तारण संभव है।

डीएम ने चकबंदी, चकरोड, घरौनी और खतौनी जैसे मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया और जिले में “वाद-रहित गांव” अभियान शुरू करने की घोषणा की। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत), भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) और अन्य किसान संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

 

Muzaffarnagar DM Umesh Mishra on Kisan Diwas

 

सहयोग से समाधान

डीएम उमेश मिश्रा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि समस्याओं का हल तभी संभव है जब किसान प्रशासन के साथ मिलकर काम करें। उन्होंने चकबंदी के उदाहरण का जिक्र किया, जिसमें 36 साल से लंबित 95% प्रकरण किसानों के सहयोग से हल किए गए।

इसी तर्ज पर अब कुर्रे (जमीन से संबंधित छोटे विवाद) के मामलों को निपटाने की योजना है। डीएम ने जोर देकर कहा कि उनकी प्राथमिकता आपसी सुलह के जरिए विवाद सुलझाने की है।

 

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चकरोड और भूमि विवाद

किसानों ने चकरोड से जुड़े विवादों को प्रमुखता से उठाया। डीएम ने स्पष्ट किया कि चकरोड किसी एक व्यक्ति की संपत्ति नहीं, बल्कि सामुदायिक उपयोग के लिए है और सभी को इसका समान अधिकार है।

उन्होंने घोषणा की कि जिले में “वाद-रहित गांव” अभियान चलाया जाएगा, ताकि चकरोड और अन्य भूमि विवादों को स्थायी रूप से हल किया जा सके। ऐसे गांवों को विशेष दर्जा और खास सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

 

Muzaffarnagar DM Umesh Mishra on Kisan Diwas

 

घरौनी और खतौनी के लिए विशेष डेस्क

किसानों ने घरौनी (घर का स्वामित्व प्रमाण) और खतौनी (जमीन के रिकॉर्ड) से जुड़े मुद्दों को उठाया। डीएम ने तहसील और ब्लॉक स्तर पर विशेष डेस्क स्थापित करने का निर्देश दिया, जहाँ इन प्रकरणों का त्वरित निस्तारण होगा। यह कदम किसानों को बार-बार तहसील के चक्कर लगाने से राहत देगा।

 

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बिजली और अन्य समस्याएँ

किसानों ने बिजली की अनियमित आपूर्ति और विद्युत विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई। डीएम ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए।

इसके अलावा, किसानों ने दुधारू पशुओं में फैल रही बीमारियों और ग्रामीण स्कूलों की बदहाल स्थिति का भी जिक्र किया। डीएम ने इन मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

 

Muzaffarnagar DM Umesh Mishra on Kisan Diwas

 

किसानों की चुनौतियाँ

मुजफ्फरनगर में किसान लंबे समय से चकबंदी, चकरोड, और भूमि रिकॉर्ड से जुड़े विवादों का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा, मॉनसून पर निर्भरता, मृदा अपरदन, और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कमी जैसी समस्याएँ भी हैं, जैसा कि भारतीय किसानों की समस्याओं पर विभिन्न अध्ययनों में उल्लेखित है।

डीएम का सहयोग पर जोर देना इन समस्याओं को स्थानीय स्तर पर हल करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

 

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प्रशासन की प्रतिबद्धता

किसान दिवस में डीएम के साथ एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत और सिटी मजिस्ट्रेट पंकज सिंह राठौड़ मौजूद थे। डीएम ने कहा कि उनकी टीम मौके पर जाकर समस्याओं का समाधान करेगी। यह कदम न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ाएगा, बल्कि किसानों का विश्वास भी जीतेगा।

अमित सैनी
Author: अमित सैनी

अमित सैनी एक वरिष्ठ पत्रकार है, जिन्हें नेशनल और इंटरनेशनल मीडिया में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है। श्री सैनी 'द एक्स इंडिया' के प्रधान संपादक भी हैं।

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