मुजफ्फरनगर में एक राजवाहे की करीब 4 किमी लंबी टेल 50 साल से बंद थी, लेकिन सिंचाई विभाग ने कड़ी मेहनत से इसे फिर जिंदा कर दिया। गंगा नहर से जुड़े लेफ्ट मेन राजवाहे (शर्की) में अब कलकल कर पानी बह रहा है। किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर है, फसलें लहलहाने लगी हैं।
मुजफ्फरनगर। अपर गंगा नहर से करीब 40 किमी लंबा लेफ्ट मेन राजवाहा (शर्की) मोरना राजवाहे तक जाता है। इसमें से आखिरी 4 किमी टेल पूरी तरह बंद हो चुकी थी। कुछ हिस्से किसानों ने घेर लिए थे, तो बाकी में घास-फूस और झाड़ियां उगी हुई थीं।
करीब 50 साल से इस टेल में पानी नहीं पहुंच रहा था, जिसकी वजह से आसपास के किसानों को फसल की सिंचाई में भारी दिक्कत हो रही थी।

सिंचाई विभाग ने की कड़ी मेहनत
मामले की जानकारी मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने निरीक्षण किया और ग्रामीणों-किसानों के सहयोग से बंद पड़े नाले की खुदाई का कार्य शुरू कराया।
करीब दो महीने की लगातार मेहनत और योजनाबद्ध तरीके से काम करने के बाद आखिरकार राजवाहे में पानी बहने लगा। कलकल करती कल-कल धारा ने किसानों के चेहरों पर रौनक ला दी।
किसानों की खुशी
आसपास के किसानों का कहना है कि अब फसलें लहलहाने लगेंगी। पानी पहुंचने से खेतों में हलचल बढ़ गई है।
एक किसान ने बताया, “50 साल से ये राजवाहा सूखा पड़ा था। अब पानी देखकर लग रहा है जैसे खेतों में नई जान आ गई हो।”

विभाग का दावा
सिंचाई विभाग का कहना है कि इस राजवाहे की टेल में पानी न पहुंचने से कई गांव प्रभावित थे। अब पानी बहने से सिंचाई की समस्या दूर होगी और फसल उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।
विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि राजवाहे को किसी भी तरह से अवरुद्ध न करें ताकि पानी सभी तक पहुंच सके।



