“कश्यप समाज मजदूर तबका है, उन्हें अपनी हैसियत में रहना चाहिए” – नसीरपुर प्रकरण सुलझने के ठीक एक दिन पहले ठाकुर पूरन सिंह से मिलने के दौरान चौधरी नरेश टिकैत का ये बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। साथ ही उनकी दूसरी टिप्पणी “कुत्ता काटे तो इलाज कराओ, कुत्ते को क्यों काटो” पर भी लोग तंज कस रहे हैं। समझौते के बाद भी ये बयान विवाद का नया केंद्र बन गए हैं।
मुजफ्फरनगर। नसीरपुर मारपीट प्रकरण बुधवार को समझौते के साथ खत्म हो गया, लेकिन एक दिन पहले चौधरी नरेश टिकैत के ठाकुर पूरन सिंह से मिलने के दौरान दिए गए दो बयान अब सोशल मीडिया पर आग लगा रहे हैं।
क्या कहा था?
टिकैत ने कश्यप समाज द्वारा तिरपड़ी गांव में बुलाई गई पंचायत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था – “कश्यप समाज मजदूर तबका है, उन्हें अपनी हैसियत में रहना चाहिए।”
पंचायत की घोषणा पर क्या बोले?
उन्होंने कश्यप समाज की महापंचायत की घोषणा पर तंज कसते हुए ये भी कहा, “अगर किसी को कुत्ता काट ले तो इलाज कराया जाता है ना कि कुत्ते को काटा जाता!”
वायरल हो रहे दोनों बयान!
ये दोनों बयान वीडियो के रूप में तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग इसे जातिगत टिप्पणी और अपमानजनक बता रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा है – “समझौते के बाद भी ये बयान क्यों? क्या ये भाईचारे का संदेश है?”

समझौते के बाद भी बहस?
समझौते के बाद सिसौली में हुई बैठक में दोनों पक्षों ने 14 मार्च की महापंचायतें रद्द कर दी थीं। सांसद हरेंद्र मलिक और नरेश टिकैत ने मध्यस्थता की थी। लेकिन ये बयान अब पुराने घाव को फिर से खोल रहे हैं। सोशल मीडिया पर कश्यप समाज के लोग इसे “अपमान” बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग कह रहे हैं कि ये बयान समझौते से पहले के हैं।




