मुजफ्फरनगर की हृदयस्थली शिव चौक के पास गोल मार्केट में बुधवार को एक साथ 4 लोगों की जेब कटने से हड़कंप मच गया। भीड़भाड़ वाले बाजार में चंद मिनटों में 40 हजार रुपये से ज्यादा नकदी चुरा ली गई।
शिकायत मिलते ही आबकारी पुलिस चौकी इंचार्ज शशि कपूर, कांस्टेबल नवीन सैनी और कांस्टेबल सैनी शर्मा ने आनन-फानन में आसपास के सीसीटीवी कैमरे चेक किए। फुटेज में कुछ बुर्कानशी महिलाएं नजर आईं, जो लोगों की जेबों पर डाका डाल रही थीं। हैरत की बात ये थी कि इनमें एक 8 साल की छोटी बच्ची भी शामिल थी!

CCTV से खुला राज
पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर जांच तेज की और चंद घंटों की भागदौड़ से जानसठ की रहने वाली तीन-चार बहनें पुलिस की रडार में आ गईं। मास्टरमाइंड साजिया तक गुरुवार सुबह पुलिस पहुंच गई।
पूछताछ में पहले तो वह गुमराह करने की कोशिश करती रही, लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे टूट गई। तोते की तरह पटर-पटर बोलने लगी और अपना गुनाह कबूल कर लिया।

40 हजार की चोरी, बहने भी बनीं सहयोगी
जानकारी के अनुसार बुधवार को मंसूरपुर थाना के सोंटा गांव निवासी विषांक राठी की जेब से 25 हजार, खालापार निवासी शबनम के पर्स से 5 हजार, उत्तराखंड के रुड़की से इलाज कराने आई सपना के पर्स से 10 हजार और एक अन्य व्यक्ति की जेब से कुछ नकदी चुरा ली गई।
इन सभी चोरियों में साजिया का हाथ था। उसकी सहयोगी उसकी बहनें और 8 साल की भतीजी भी शामिल थीं।
जेल भेजने की तैयारी
पुलिस ने साजिया और उसके गिरोह को दबोच लिया है। अब इन आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी चल रही है। बाजार में जेबकटों का यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इलाके में राहत की सांस ली जा रही है। लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि 8 साल की बच्ची को भी चोरी में शामिल करना… यह कितना खतरनाक है?



