मुजफ्फरनगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के 224 फ्लैट्स की चाबियां सौंपे जाने के बाद लाभार्थी निराश लौट रहे हैं। फ्लैट्स अधूरे हैं, न बिजली, न पानी, न फिनिशिंग और न खिड़कियां। मंत्री के रमजान-होली-ईद मनाने के दावे पर खड़े हुए सवाल!

मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत भोपा रोड पर मखियाली स्थित 224 फ्लैट्स की चाबियां शनिवार को राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल द्वारा लाभार्थियों को सौंपी गईं। लेकिन अगले दिन रविवार को “The X India” टीम ने मौका देखा तो हकीकत चौंकाने वाली सामने आईं।
फ्लैट्स में अभी बिजली (electricity) नहीं है, पानी (water) नहीं है, टाइल्स-पत्थर का काम अधूरा है, फर्श और फिनिशिंग (finishing) नहीं हुई।

खिड़कियां टूटी, जंग लगी, प्लास्टर उखड़ा
फ्लैट्स की खिड़कियों में शीशे (glass) नहीं लगे हैं। नीचे के कुछ फ्लैट्स में ही शीशे फिट हुए हैं, ऊपर वाले में सिर्फ लोहे की जंग लगी खिड़कियां हैं।
कई खिड़कियां टूटी हुई हैं। कई जगह प्लास्टर (plaster) टूटा हुआ है। कुल मिलाकर निर्माण की क्वालिटी (construction quality) घटिया और थर्ड क्लास बताई जा रही है।

लाभार्थी प्रतिभा शर्मा की निराशा
फ्लैट नंबर F-50 आवंटित प्रतिभा शर्मा परिवार के साथ फ्लैट देखने पहुंचीं तो हैरान रह गईं।
उन्होंने कहा, “चाबी तो दे दी गई है लेकिन फ्लैट्स कंप्लीट नहीं हैं। खिड़की टूटी हुई है, न पानी है और न बिजली है।” प्रतिभा ने जल्दबाजी में आवंटन (hasty allotment) पर सवाल उठाया और कहा कि आधी-अधूरी तैयारियों के साथ चाबी थमा दी गई।

मुस्लिम लाभार्थी अंजुम की पीड़ा!
एक मुस्लिम महिला अंजुम भी परिवार के साथ अपने आवंटित फ्लैट को देखने आईं। उन्होंने निराशा जताते हुए कहा, “फ्लैट्स तो अच्छे हैं लेकिन अभी अधूरे हैं। पानी-बिजली और खिड़कियां भी नहीं हैं।”
मंत्री के दावे पर उन्होंने कहा, “ऐसे में कैसे ईद मना पाएंगे? न बिजली है और न पानी!” हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि किराए के घर से बेहतर तो है।

मंत्री के दावों के उलट हकीकत
शनिवार को MDA ऑफिस में मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने लाभार्थियों को चाबियां सौंपते हुए कहा था कि इस बार रमजान, होली और ईद अपने घर में मनाई जाएंगी। लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। लाभार्थी खुश तो हैं कि घर मिला, लेकिन अधूरी तैयारियों से निराश हैं।

घटिया सामग्री की जांच का क्या हुआ?
25 अगस्त 2025 को मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने खुद इन फ्लैट्स में घटिया सामग्री (substandard material) का इस्तेमाल पकड़ा था। उन्होंने कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ जांच और सख्त कार्रवाई की बात कही थी। लेकिन अब तक किसी को पता नहीं कि उस जांच का क्या हुआ। अचानक आधी-अधूरी तैयारियों के साथ चाबियां सौंपकर वाहवाही लूट ली गई।
सवाल उठना लाजिमी
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इतनी जल्दबाजी क्यों? घटिया सामग्री की जांच और कॉन्ट्रैक्टर पर कार्रवाई का क्या हुआ? लाभार्थी अब अधूरे घर में कैसे रहेंगे?


