मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में नाबालिग से दुष्कर्म और उसे अनैतिक काम के लिए मजबूर करने के मामले में अदालत ने शनिवार को सौतेले पिता और मां को 20-20 साल की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर 53-53 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मामला भोपा थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां वर्ष 2021 में 16 वर्षीय किशोरी के साथ अपराध किए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता ने 6 अक्टूबर 2021 को भोपा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसके सौतेले पिता सतीश ने उसके साथ दुष्कर्म किया। सौतेली मां बबली पर इसमें सहयोग करने और किशोरी को अनैतिक काम के लिए मजबूर करने का आरोप था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई थी।
मामले में पुलिस ने संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच के बाद आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। सुनवाई मुज़फ़्फ़रनगर की विशेष पॉक्सो अदालत में पीठासीन अधिकारी मंजुला भालोटिया के समक्ष हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता विक्रांत राठी और दीपक गौतम ने पैरवी की तथा सात गवाह पेश किए।
सुनवाई के बाद अदालत ने सतीश और बबली को दोषी ठहराते हुए दोनों को 20-20 साल की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 53-53 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

