मुज़फ़्फ़रनगर। महिला अपराध से लेकर साइबर और डिजिटल क्राइम हम तक के मामलों से निपटने के लिए मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस ने अपने फ्रंटलाइन स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया। रिजर्व पुलिस लाइन के बहुउद्देशीय हॉल में जिले के सभी थानों के मिशन शक्ति केंद्रों में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को महिला बीट, मिशन शक्ति केंद्रों की भूमिका, महिलाओं के विरुद्ध अपराध और साइबर अपराध से जुड़े विषयों पर ट्रेनिंग दी गई।

प्रशिक्षण में खास तौर पर महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनने और उन पर तेजी से कार्रवाई करने पर जोर रहा। शहरी और ग्रामीण इलाकों में महिला बीट और मिशन शक्ति केंद्रों के जरिए पुलिस की पहुंच बढ़ाने तथा महिलाओं को उपलब्ध पुलिस सेवाओं और उनके अधिकारों की जानकारी देने पर भी चर्चा हुई।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने मिशन शक्ति केंद्र और महिला बीट को महिला एवं बालिका सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्था बताते हुए पुलिसकर्मियों को अपने दायित्वों का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला संबंधी शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
एसपी क्राइम इन्दु सिद्धार्थ ने महिला बीट और मिशन शक्ति केंद्रों की शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिका को लेकर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने महिला एवं बालिका सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों में प्रभावी पुलिसिंग, त्वरित कार्रवाई और महिलाओं को पुलिस सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने से जुड़े पहलुओं को समझाया।
प्रशिक्षण का एक अहम हिस्सा साइबर अपराध भी रहा। साइबर क्राइम थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह ने Cyber & Digital Crime के साथ OCWC और NECMEC से जुड़े विषयों पर पुलिसकर्मियों को जानकारी दी। डिजिटल माध्यम से होने वाले अपराधों की रोकथाम और साइबर शिकायतों के त्वरित निस्तारण को लेकर भी प्रशिक्षण दिया गया।
अपराध शाखा के निरीक्षक हरेन्द्र सिंह ने Crime Against Women के मामलों पर प्रशिक्षण दिया। इसमें महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की प्रकृति, उनकी रोकथाम, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और पीड़ित महिलाओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने से जुड़े विषय शामिल रहे।
पुलिसकर्मियों को मिशन शक्ति केंद्र से संबंधित i-GOT Refresher Module की जानकारी भी दी गई। इसमें i-GOT Portal के इस्तेमाल, Refresher Course के जरिए क्षमता विकास और मिशन शक्ति केंद्रों से जुड़े दायित्वों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के अंत में संवादात्मक सत्र भी हुआ। इसमें मिशन शक्ति केंद्रों में तैनात पुलिसकर्मियों ने फील्ड में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और चुनौतियों को अधिकारियों के सामने रखा। अधिकारियों ने उनके सवालों का जवाब देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

