नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर महिला पत्रकार के साथ कथित बदसलूकी और धक्का-मुक्की के आरोप से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट 26 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और वकील गौरव भाटिया ने गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने मामला उठाते हुए आवेदन पर सुनवाई की तारीख तय करने और यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया कि मामले में नोटिस जारी हुआ है या नहीं।
इस पर सीजेआई ने कहा कि एक दिन पहले उनके सामने रखी गई याचिकाओं में नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 26 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की।
कनॉट प्लेस के व्यापारियों के नुकसान का मुद्दा भी उठा
इसी से जुड़े एक अन्य मामले में वकील जय अनंत देहाद्राई ने भी सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष अपनी बात रखी। उन्होंने आशंका जताई कि प्रदर्शन के कारण दिल्ली के कनॉट प्लेस में दुकानदारों और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सभी लोग समझदारी से काम लेंगे। उन्होंने कहा कि छोटी दुकानें चलाने वाले व्यापारी त्योहारों के मौसम में होने वाली कमाई पर निर्भर रहते हैं। यदि उनका कारोबार प्रभावित होता है, तो इससे उनके पूरे परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रदर्शन के अधिकार के साथ आजीविका का ध्यान रखना जरूरी
सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कहा कि प्रदर्शन करने वालों के अधिकारों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी का भी ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शन के कारण दुकानदारों को आर्थिक नुकसान होता है, तो सुप्रीम कोर्ट अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल कर सकता है। हालांकि, अदालत ने फिलहाल स्थिति पर नजर रखने की बात कही।
12 अक्टूबर के मार्च के दौरान लगे थे आरोप
गौरतलब है कि 12 अक्टूबर को दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान राहुल गांधी पर एक महिला पत्रकार के साथ कथित बदसलूकी और धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया गया था। आरोप लगाने वाली पत्रकार ने दावा किया है कि वह तीन महीने की गर्भवती हैं।
इस मामले में दायर याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट 26 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। अदालत की सुनवाई में आरोपों और उनसे जुड़े मुद्दों पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल, राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों के संबंध में अदालत के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार है।

