मुज़फ़्फ़रनगर में पेराई सत्र शुरू होने से पहले प्रशासन ने कोल्हू संचालकों को प्रदूषण को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। बुधवार दोपहर 12 बजे कचहरी स्थित जिला पंचायत सभागार में जिलेभर के सैकड़ों कोल्हू और खांडसारी इकाई संचालकों के साथ बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता एडीएम प्रशासन देश दीपक सिंह ने की, जबकि संचालन क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी गीतेश चंद्रा ने किया।
बैठक में जिला पंचायत अधिकारी योगेश कुमार, जिला खांडसारी अधिकारी आशुतोष, स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एई कुंवर संतोष कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने संचालकों को आगामी पेराई सत्र के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित नियमों और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की गाइडलाइन की जानकारी दी।

प्रशासन की ओर से साफ कहा गया कि कोल्हू संचालन में केवल मान्य और स्वीकृत ईंधन का ही इस्तेमाल किया जाए। प्लास्टिक, टायर या किसी अन्य प्रतिबंधित ईंधन को जलाने पर रोक रहेगी। संचालकों को अपनी इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अधिकारियों ने संचालकों को बताया कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित उपकरणों और व्यवस्थाओं का पालन जरूरी है।
अधिकारियों ने कहा कि पेराई सत्र में कोल्हुओं की गतिविधियां बढ़ने के साथ प्रदूषण की चुनौती भी बढ़ती है। ऐसे में नियमों का पालन केवल विभागीय कार्रवाई से नहीं, बल्कि संचालकों की जिम्मेदारी से भी जुड़ा है। संचालकों से अपनी-अपनी इकाइयों में निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यानी इस बार पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही प्रशासन ने कोल्हुओं को लेकर अपनी निगरानी और कार्रवाई की दिशा साफ कर दी है।
