मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में प्रदूषण नियंत्रण नियमों के अनुपालन को लेकर प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बुधवार देर रात दो रोलिंग मिलों पर छापेमारी से हड़कंप मच गया। इनमें सपा नेता और पूर्व सांसद कादिर राणा की राणा स्टील भी शामिल है। टीम ने राणा स्टील के अलावा सर्वोत्तम रोलिंग मिल में भी प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था और लगाए गए उपकरणों की जांच की।

सिटी मजिस्ट्रेट दीपक पाल और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी गीतेश कुमार के नेतृत्व में टीम दोनों औद्योगिक इकाइयों में पहुंची। अधिकारियों ने मिलों में प्रदूषण रोकने के लिए लगाए गए उपकरणों की स्थिति और नियमों के अनुपालन की जांच की।
छापेमार कार्रवाई की जानकारी गुरुवार दोपहर बाद ही बाहर आई, जिसके बाद प्रदूषण नियंत्रण विभाग के स्थानीय अधिकारी गीतेश चंद्रा ने जानकारी देते हुए बताया गया कि “राणा स्टील में जांच के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगाए गए उपकरण (APCS) बंद मिले। मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच रिपोर्ट तैयार कर आवश्यक कार्रवाई के लिए लखनऊ भेजी गई है।”

टीम ने सर्वोत्तम रोलिंग मिल में भी प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। रात में अचानक हुई कार्रवाई से दोनों औद्योगिक इकाइयों में हलचल मच गई।
राणा स्टील सपा के कद्दावर नेता एवं पूर्व सांसद कादिर राणा से जुड़ी औद्योगिक इकाई है। इससे पहले अगस्त 2026 में भी राणा परिवार और उससे जुड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर ईडी की कार्रवाई सुर्खियों में रही थी। जबकि उससे पूर्व छापेमारी के दौरान GST टीम पर हमले को लेकर भी राणा स्टील एवं राणा बंधु सुर्खियों में रह चुकी है।

अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन की ओर से राणा स्टील में प्रदूषण नियंत्रण उपकरण बंद मिलने को लेकर रिपोर्ट लखनऊ भेजी गई है।
