मुजफ्फरनगर। पुरकाजी थाना क्षेत्र के ग्राम हरिनगर में लाखों रुपये की चोरी और महिला पर चाकू से हमला किए जाने की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। परिवार की ओर से करीब 14.40 लाख रुपये चोरी होने की बात बताई गई थी। महिला ने दावा किया था कि अज्ञात चोर घर में घुसे और विरोध करने पर उस पर हमला कर रुपये तथा कान की बाली लूटकर फरार हो गए।
लेकिन पुलिस की गहन जांच में पूरी कहानी ही उलट निकली। पुलिस के अनुसार, घर में किसी बाहरी चोर ने वारदात नहीं की थी, बल्कि घर की बहू गुलशाना ने ही चार लाख 40 हजार रुपये चोरी किए थे। उसने चोरी की रकम कूलर में छिपा दी और घटना को अंजाम देने वाले अज्ञात बदमाशों की कहानी गढ़कर परिवार और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। पुलिस ने गुलशाना को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी निशानदेही पर पूरी रकम के साथ कान की एक बाली बरामद की है।
14 लाख की चोरी की सूचना से मचा था हड़कंप
पुलिस के मुताबिक 24 अगस्त को हरिनगर गांव में एक घर में चोरी होने की सूचना मिली थी। बताया गया था कि अज्ञात बदमाश घर में घुसे और करीब 14.40 लाख रुपये चोरी कर लिए। महिला ने यह भी बताया था कि विरोध करने पर बदमाशों ने उसके साथ मारपीट की और चाकू से हमला किया। इसके अलावा उसके कान की बाली भी छीन ली गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पुलिस टीमों को तत्काल जांच कर घटना का शीघ्र खुलासा करने के निर्देश दिए।
जांच में कहानी पर पुलिस को हुआ शक
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही परिवार के सदस्यों से पूछताछ की और घटनाक्रम से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच की। जांच के दौरान पुलिस को घटना की परिस्थितियां संदिग्ध लगीं। पुलिस ने जब अलग-अलग तथ्यों और बयानों को आपस में जोड़ना शुरू किया तो शक घर के ही लोगों की तरफ बढ़ने लगा।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के सामने गुलशाना की भूमिका सामने आई। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो कथित तौर पर उसने घर में रखे रुपये चोरी करने की बात स्वीकार की।
सास के पास रखी रकम पर थी नजर
पुलिस के अनुसार गुलशाना को जानकारी थी कि उसकी सास ने अनाज की टंकी में रुपये रखे हुए हैं। आरोप है कि परिवार के सो जाने के बाद उसने अनाज की टंकी का ताला तोड़कर उसमें रखे चार लाख 40 हजार रुपये निकाल लिए।
रुपये निकालने के बाद उसने उन्हें एक थैले में रखा और कूलर के अंदर छिपा दिया। इसके बाद उसने चोरी की घटना को दूसरा रूप देने की योजना बनाई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घर से करीब 14 लाख रुपये चोरी होने की बात बताई गई थी, जबकि अनाज की टंकी में वास्तविक रूप से चार लाख 40 हजार रुपये रखे हुए थे।
हाथ में लगी चोट को बनाया चाकू के हमले का आधार
पुलिस के मुताबिक अनाज की टंकी का ताला तोड़ते समय गुलशाना के हाथ में चोट लग गई थी। इसी चोट को उसने कथित तौर पर चोरों के हमले से जोड़ दिया।
उसने शोर मचाकर परिवार के सदस्यों को बुलाया और बताया कि अज्ञात चोर घर में घुस आए थे। उसने आरोप लगाया कि चोरों ने उसके साथ छीना झपटी की और चाकू से हमला कर दिया।
पुलिस के अनुसार, इस तरह उसने खुद को घटना में पीड़ित बताकर परिवार और पुलिस का ध्यान वास्तविकता से हटाने का प्रयास किया।
कान की बाली का राज भी खुला
महिला ने कान की बाली को लेकर भी बदमाशों पर आरोप लगाया था। उसका कहना था कि चोर झपट्टा मारकर कान की बाली छीन ले गए। लेकिन पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस के सामने अलग ही तथ्य आए।
पुलिस ने महिला की निशानदेही पर कान की एक बाली बरामद कर ली। पुलिस के अनुसार बाली को भी महिला ने स्वयं छिपाया था और बाद में उसे चोरों द्वारा लूटे जाने की कहानी बताई।
कूलर में छिपी रकम ने खोल दिया पूरा राज
गुलशाना से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घर में रखे कूलर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कूलर से चार लाख 40 हजार रुपये बरामद हुए। इसके साथ ही कान की एक बाली भी पुलिस के हाथ लगी।
रकम और बाली की बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले की दिशा स्पष्ट कर ली। पुलिस के मुताबिक घर में किसी अज्ञात गिरोह द्वारा लाखों रुपये की चोरी किए जाने की बात सही नहीं थी, बल्कि महिला ने खुद रकम चोरी कर उसे छिपाया था और घटना को छिपाने के लिए झूठी कहानी तैयार की थी।
मुकदमे की धाराओं में किया गया संशोधन
पुलिस ने जांच और बरामदगी के आधार पर मामले में पहले दर्ज मुकदमे की धाराओं में संशोधन किया है। पुलिस के अनुसार धारा 331(8), 304(2) और 351(3) बीएनएस का लोप करते हुए धारा 305(क) और 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।
गुलशाना के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच जारी है।
इन पुलिसकर्मियों ने किया खुलासा
घटना का खुलासा करने वाली टीम में थाना पुरकाजी प्रभारी मानवेन्द्र सिंह भाटी, उपनिरीक्षक नवीन कुमार, महिला उपनिरीक्षक निशा सिंह, हेड कांस्टेबल सचिन तेवतिया और महिला कांस्टेबल शिल्पी शर्मा शामिल रहे।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस टीम की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस वैज्ञानिक और विवेचनात्मक तरीके से जांच कर रही है। हरिनगर की इस घटना में भी पुलिस की जांच के चलते कथित चोरी की असलियत सामने आई और पुलिस को गुमराह करने के लिए तैयार की गई कहानी का पर्दाफाश हो गया।


