Home » उत्तर प्रदेश » मुजफ्फरनगर पोस्ट » धर्मेंद्र मलिक ने जताई अपनी हत्या की आशंका! बोले, “कचरा माफिया ले सकते हैं मेरी जान”, पेपर मिलों पर दो दशक पुरानी गैंगवार का भी तंज!

धर्मेंद्र मलिक ने जताई अपनी हत्या की आशंका! बोले, “कचरा माफिया ले सकते हैं मेरी जान”, पेपर मिलों पर दो दशक पुरानी गैंगवार का भी तंज!

Facebook
Twitter
WhatsApp

मुजफ्फरनगर में RDF कचरे के नाम पर कूड़ा जलाने का आरोप लगाते हुए भाकियू (अराजनीतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने पेपर मिलों पर जोरदार हमला बोला।

उन्होंने कहा कि “प्रतिबंध है, लेकिन मिलें खुलेआम कचरा जला रही हैं। पिछले एक सप्ताह से रोज नागरिक ट्रक पकड़कर विभाग को सूचना दे रहे हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं। राज्य सरकार ने RDF उपयोग के लिए कोई दिशानिर्देश जारी नहीं किए।”

अफसरों पर तंज

मलिक ने अफसरों पर तंज कसा और कहा कि “कोई सरकारी अधिकारी या उद्योगपति कागज पर बात नहीं कर रहा। प्रतिबंधित गाड़ियां रोकने में प्रशासन नाकाम है। नागरिक कर्तव्य निभाते हैं तो अधिकारी सहयोग नहीं करते। उल्टे जान से मारने की धमकी मिलती है।”

आगे बोले कि

“कल मेरे साथ हुई घटना से लगता है कि बंदूक की नोक पर कचरा परिवहन हो रहा है। कचरा माफिया नागरिक की हत्या भी कर सकता है।”

“प्रदूषण से बीमारियां, नारकीय जीवन”

मलिक ने जनता का दर्द बयान किया कि “मुजफ्फरनगर के लोग नारकीय जीवन जी रहे हैं। अस्थमा, त्वचा रोग बढ़ रहे हैं। दिल्ली-नोएडा में हजारों उद्योग, लेकिन मुजफ्फरनगर जितना प्रदूषण नहीं। यहां सैकड़ों मिलें ही काफी हैं जहर फैलाने को।”

दो दशक पुरानी गैंगवार पर तंज

मलिक ने पेपर उद्योग पर कटाक्ष किया कि “लोगों को याद होगा, दो दशक पहले सरकंडे को लेकर पेपर उद्योग से जुड़े लोगों ने गैंगवार कराई थी। यह लंबी लड़ाई है। सड़क से कोर्ट तक लड़ेंगे।”

“अपराधियों को ट्रांसपोर्टर का चोला”

जिला अध्यक्ष सुधीर पंवार ने कहा कि “आपराधिक मुकदमों में नामजद लोगों को ट्रांसपोर्टर का चोला पहनाकर आगे किया जा रहा है।” कुशलवीर ठाकुर ने याद दिलाया कि “दो दशक पहले भी गैंगवार हुई थी।”

ALSO READ THIS :  मुजफ़्फ़रनगर: किसानों की 20 साल की प्यास खत्म! भंडूरा रजवाहे में पहुंचा पानी, सिंचाई विभाग की मेहनत लाई रंग!

“अपराधियों के हाथ कचरा ढोने का धंधा”

मलिक ने इल्ज़ाम लगाया कि “कचरा ढोने का काम अपराधियों को दिया गया है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि “सभी नागरिक इकट्ठा होकर लड़ें। यह आने वाली नस्लों को प्रदूषण से बचाने का संघर्ष है। पेपर उद्योग ने पानी, वायु, जमीन, स्वास्थ्य सब खराब कर दिया। किसान, मजदूर, व्यापारी – सबकी लड़ाई है।”

“जान की परवाह नहीं”

मलिक ने जोश में कहा कि “इस संघर्ष में अगर मेरी जान भी चली जाए तो परवाह नहीं। प्रशासन काम नहीं करता तो नागरिकों का अभियान जारी रहेगा।” चेतावनी दी कि “यह लड़ाई अंजाम तक ले जाओ, वरना अगली पीढ़ी हार जाएगी।”

“डिमांड” पर सफाई!

ट्रांसपोर्टरों के आरोपों पर पलटवार  करते हुए धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि

“मेरे ऊपर पैसे मांगने का इल्ज़ाम लग रहा है, पुलिस जांच करे या आरोप लगाने वालों पर कार्रवाई करे।”

यहां पर क्लिक करके देखिए धर्मेंद्र मलिक ने अपने फेसबुक लाइव स्ट्रीमिंग में क्या कुछ कहा?

विवाद की आग बेकाबू

RDF कचरा जलाने का यह विवाद अब आग बन चुका है। एक तरफ भाकियू का प्रदूषण रोकने का दावा, दूसरी तरफ ट्रांसपोर्टरों का रंगदारी का इल्ज़ाम, वहीं पेपर मिल मालिक चुप। प्रशासन की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें