मुजफ्फरनगर। ज़िला कलेक्ट्रेट पर गांव पीनना में सिंचाई विभाग की सड़क में भ्रष्टाचार के खिलाफ 5 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे किसान सुमित मलिक ने अनशन खत्म कर दिया।
अपर जिलाधिकारी राजस्व गजेंद्र कुमार ने नारियल पानी पिलाकर हड़ताल समाप्त कराई। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन लिया और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कराई, जिसमें DM ने दोषियों पर ठोस एक्शन का भरोसा दिलाया।

घटिया सड़क पर भ्रष्टाचार का इल्ज़ाम
सुमित मलिक का आरोप है कि सिंचाई विभाग द्वारा पीनना गांव में बनाई गई तीन सड़कों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। मुख्य विकास अधिकारी की जांच में त्रुटियां पाई गईं, लेकिन दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सुमित ने कहा कि इससे पहले भी विभाग के 33 टेंडरों में अनियमितताएं हुई हैं, उनकी भी जांच होनी चाहिए।

आश्वासन पर अनशन समाप्त
ADM गजेंद्र कुमार ने सुमित को समझाया कि शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई होगी। DM का फोन आश्वासन मिला।
सुमित ने कहा,
“आश्वासन पर भरोसा किया, लेकिन कार्रवाई न हुई तो फिर अनशन शुरू करेंगे।”
हड़ताल खत्म होने से समर्थकों ने राहत की सांस ली।

जांच रिपोर्ट में खुली पोल
CDO की जांच में सड़क निर्माण में घटिया सामग्री और अनियमितता सामने आई थी। लेकिन कार्रवाई न होने से सुमित भूख हड़ताल पर बैठ गए।
अब DM के आश्वासन से जांच तेज होने की उम्मीद है। दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर गाज गिरेगी या नहीं, सबकी नजर प्रशासन पर है।
किसानों की आवाज बनी हड़ताल
यह हड़ताल गांव पीनना के किसानों की आवाज बनी। सड़कें टूट रही हैं, पानी भर रहा है।

सुमित ने कहा,
“भ्रष्टाचार से किसान तबाह हो रहे हैं। कार्रवाई जरूरी है।”
समर्थकों ने ADM का धन्यवाद किया, लेकिन सतर्कता बरकरार रखी।



