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नोएडा में साइबर ठगों का बड़ा आतंक: डिजिटल अरेस्ट, निवेश और शादी का झांसा देकर 8 लोगों से उड़ाए 67 लाख से अधिक; डीसीपी ने दी जानकारी

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नोएडा। दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नोएडा में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और डिजिटल ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा ग्राफ सामने आया है। नोएडा के सेंट्रल साइबर क्राइम थाने में बीते 24 घंटे के भीतर अलग-अलग तरह की डिजिटल मोडस ऑपेरेंडी (तरीकों) से की गई ठगी के कुल 8 सनसनीखेज मामले दर्ज किए गए हैं। इन सभी घटनाओं में अपराधियों ने कारपोरेट क्रेडिट कार्ड क्लोनिंग, शेयर मार्केट में निवेश, वैवाहिक प्रलोभन, एपीके (APK) फाइल हैकिंग और आईजीएल (IGL) गैस बिल अपडेट करने के नाम पर पीड़ितों के बैंक खातों से 67 लाख 14 हजार रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि पार कर दी। पुलिस उपायुक्त (DCP) साइबर क्राइम श्रीमती शैव्या गोयल ने सभी मामलों की पुष्टि करते हुए बताया कि तकनीकी सर्विलांस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से आईपी एड्रेस और बैंक खातों को ट्रैक कर जांच शुरू कर दी गई है।

मामला 1: सोशल मीडिया कंपनी के कार्ड से 6 लाख का अनधिकृत ट्रांजैक्शन

सेक्टर-32 स्थित ‘लॉजिक शॉप ऑफिस टावर मॉल’ में संचालित डीजीएच (DGH) नामक सोशल मीडिया सर्विस कंपनी की अधिकारी आयुषी श्रीवास्तव ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। अज्ञात साइबर अपराधियों ने कंपनी के आधिकारिक कमर्शियल कार्ड का डेटा चुराकर या गलत इस्तेमाल कर करीब 6 लाख रुपये का अवैध ट्रांजैक्शन कर लिया। कंपनी को इसकी भनक तब लगी जब बैंक से भारी-भरकम स्टेटमेंट जारी हुआ।

मामला 2: इंश्योरेंस पॉलिसी में निवेश के नाम पर महिला से 7.29 लाख की ठगी

नोएडा एक्सटेंशन (ग्रेटर नोएडा वेस्ट) की एक हाईराइज सोसाइटी में रहने वाली श्रीमती दूर्वा तालुकदार को एक अज्ञात कॉलर ने विभिन्न सरकारी और निजी बीमा पॉलिसियों में पैसा लगाकर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। शातिर ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर महिला को इस कदर अपने जाल में फंसाया कि पीड़िता ने अलग-अलग किस्तों में कुल 7,29,641 रुपये ट्रांसफर कर दिए, जिसके बाद आरोपी ने अपना फोन बंद कर लिया।

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मामला 3: शेयर बाजार में ट्रेडिंग का झांसा देकर अभिनव से 5.39 लाख लूटे

थाने में दर्ज एक अन्य शिकायत में अभिनव त्यागी नामक युवक ने बताया कि फेसबुक और टेलीग्राम के जरिए कुछ अज्ञात अपराधियों ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने अभिनव को एक फर्जी ट्रेडिंग एप्लिकेशन डाउनलोड करवाकर शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का झांसा दिया। शुरुआती दौर में अभिनव को कुछ आभासी (वर्चुअल) फायदा दिखाया गया, जिससे भरोसा कर उन्होंने धीरे-धीरे कुल 5,39,350 रुपये इन्वेस्ट कर दिए, जिसे बाद में ब्लॉक कर दिया गया।

मामला 4: मैट्रिमोनियल साइट पर शादी का वादा कर सुरुचि से 8.72 लाख की ठगी

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की रहने वाली सुरुचि कुमारी के साथ एक कथित एनआरआई (NRI) ठग ने सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल साइट के माध्यम से संपर्क साधा। आरोपी ने सुरुचि से शादी करने का नाटक किया और उसे महंगे गिफ्ट भेजने का प्रलोभन दिया। बाद में उसने खुद को विदेशी एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग द्वारा पकड़े जाने और मां की बीमारी की झूठी मजबूरी बताकर सुरुचि के खाते से 8,72,700 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए।

मामला 5: गूगल से कस्टमर केयर का नंबर निकालना पड़ा महंगा, 9.98 लाख साफ

आदेश नामक पीड़ित ने एक ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट से कुछ कीमती सामान मंगवाया था, लेकिन पार्सल में गलत प्रोडक्ट आ गया। आदेश ने कूरियर/सर्विस प्रदाता कंपनी का रिफंड नंबर गूगल सर्च इंजन से निकाला, जो कि असल में साइबर ठगों द्वारा डाला गया एक स्पैम नंबर था। जैसे ही आदेश ने उस नंबर पर कॉल किया, अपराधियों ने रिफंड लिंक के जरिए उनका पूरा मोबाइल फोन हैक कर लिया और पलक झपकते ही बैंक खाते से 9 लाख 98 हजार रुपये उड़ा दिए।

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मामला 6 व 7: IGL अधिकारी बनकर और APK फाइल से दो लोगों से बड़ी लूट

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के नाम पर शहर में दो बड़ी ठगी हुईं। पहले मामले में राम प्रकाश शर्मा को ठगों ने आईजीएल अधिकारी बनकर फोन किया और कहा कि बिल जमा न होने के कारण उनकी रसोई गैस की सप्लाई काट दी जाएगी। आरोपियों ने बिल चेक करने के नाम पर उनसे एक ‘एपीके (APK) फाइल’ डाउनलोड करवाई, जिससे मोबाइल हैक हो गया और उनके खाते से 98,356 रुपये निकल गए।

इसी तरह दूसरे मामले में भूपेंद्र किशन जोशी को भी आईजीएल का डर दिखाया गया। भूपेंद्र ने जब कहा कि वह बिल जमा कर चुके हैं, तो ठग ने उन्हें वीडियो कॉल पर रसीद दिखाने को कहा। जैसे ही भूपेंद्र ने स्क्रीन शेयरिंग या वीडियो कॉल पर रसीद दिखाई, स्क्रीन रिकॉर्डिंग तकनीक के जरिए ठग ने उनके मोबाइल का एक्सेस ले लिया और अलग-अलग बार में खाते से 9 लाख 77 हजार रुपये उड़ा लिए।

मामला 8: 66 वर्षीय बुजुर्ग डॉक्टर के दो खातों से 20 लाख रुपये पार

सबसे बड़ा झटका ग्रेटर नोएडा के पॉश इलाके अल्फा-वन सेक्टर में रहने वाले 66 वर्षीय बुजुर्ग डॉक्टर नेपाल सिंह को लगा। अज्ञात साइबर अपराधियों ने डॉक्टर साहब को किसी कथित सरकारी विभाग या डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर अथवा बैंकिंग फ्रॉड के जरिए निशाना बनाया और उनके दो अलग-अलग कस्टडी बैंक अकाउंट्स में सेंध लगाकर करीब 20 लाख रुपये की मोटी रकम साफ कर दी।

साइबर सेल की अपील: स्क्रीन शेयरिंग और अनजान लिंक्स से बचें

साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सभी संबंधित मामलों में आईटी एक्ट (IT Act) और धोखाधड़ी की संगीन धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। डीसीपी शैव्या गोयल ने आम नागरिकों से अपील की है कि:

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“कभी भी बिजली या गैस का बिल अपडेट करने के लिए किसी अज्ञात नंबर से आए लिंक या एपीके (APK) फाइल को इंस्टॉल न करें। गूगल पर मिलने वाले कस्टमर केयर नंबरों पर आंख बंद कर भरोसा न करें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर अपने मोबाइल में ‘एनीडेस्क’ या ‘टीमव्यूअर’ जैसी स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें।”

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