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नोएडा के शिवभक्त हरिद्वार से लेकर निकले अनोखी त्रिशूल कांवड: MP के कारीगरों ने दो महीने में किया तैयार, कैलाशपुर सिद्ध बाबा धाम में होगी स्थापना

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मुज़फ़्फ़रनगर। शिव कांवड़ यात्रा-2026 में इस बार आस्था के साथ-साथ नवाचार और भव्यता का भी अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। कोई स्पोर्ट्स कार कांवड़ लेकर चल रहा है तो कोई श्रवण कांवड़ के जरिए बुजुर्गों की सेवा का संदेश दे रहा है। इसी कड़ी में रविवार अपराह्न करीब तीन बजे मुज़फ़्फ़रनगर में एक ऐसी कांवड़ पहुंची, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

यह कांवड़ पूरी तरह प्योर स्टेनलेस स्टील से बने 14 फीट ऊंचे भगवान महादेव के त्रिशूल के रूप में तैयार की गई है। जैसे ही यह विशाल त्रिशूल कांवड़ कांवड़ मार्ग से होकर गुजरी, श्रद्धालु और राहगीर रुक-रुककर इसे देखने लगे। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से इसकी तस्वीरें और वीडियो भी रिकॉर्ड किए।

ग्रेटर नोएडा निवासी शिवभक्त अमित अपने दो अन्य साथियों के साथ हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर इस त्रिशूल को अपने गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं। उनका उद्देश्य ग्रेटर नोएडा के कैलाशपुर सिद्ध बाबा धाम मंदिर में इस विशाल त्रिशूल की स्थापना करना है।

शिवभक्तों ने बताया कि इस विशेष त्रिशूल को तैयार कराने में करीब दो महीने का समय लगा। इसे मध्य प्रदेश के विशेष कारीगरों ने तैयार किया है और इसके निर्माण पर लगभग 50 हजार रुपये का खर्च आया है। त्रिशूल पूरी तरह स्टेनलेस स्टील से बना है, जिससे यह मजबूत होने के साथ आकर्षक भी दिखाई देता है।

अमित ने बताया कि वे प्रतिदिन लगभग 15 किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे हैं। त्रिशूल की ऊंचाई और उसका अधिकतर वजन ऊपरी हिस्से में होने के कारण उसे संतुलित रखना सबसे बड़ी चुनौती है। कई बार तेज हवा भी मुश्किलें बढ़ा देती है, लेकिन बाबा भोलेनाथ में अटूट आस्था उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

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उन्होंने बताया कि यह अनोखी कांवड़ एक विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए लाई जा रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मनोकामना पूरी नहीं हो जाती, तब तक वह उसके बारे में सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं बताएंगे।

कांवड़ यात्रा में शामिल यह अनोखा त्रिशूल न केवल श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, बल्कि यह आस्था, समर्पण और संकल्प का भी एक अलग संदेश देता नजर आ रहा है।

 


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