ग्रेटर नोएडा। दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मानसून की आफत बनकर बरसी बारिश ने दावों की पोल खोलकर रख दी है। बीती रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते दोनों शहरों का जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। पॉश सोसायटियों से लेकर सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और अंडरपास तक में कई फीट पानी भर गया है। इस जलप्रलय के बीच दो शहरों में अलग-अलग स्थानों पर दीवारें गिरने, सड़क धंसने और हादसे होने की भी खबरें सामने आई हैं। गनीमत यह रही कि इन हादसों में समय रहते लोग बच गए, वरना भारी जानहानि हो सकती थी।
तालाब में तब्दील हुआ एआरटीओ दफ्तर, फाइलों को बचाने की मची जद्दोजहद
बारिश के पानी ने वीआईपी सिस्टम को भी नहीं बख्शा। नोएडा के सेक्टर-३३ स्थित एआरटीओ (परिवहन विभाग) कार्यालय परिसर में नाले का पानी ओवरफ्लो होकर घुस गया, जिससे पूरा दफ्तर किसी तालाब जैसा नजर आने लगा। कार्यालय के कमर्शियल, प्रवर्तन और एआरटीओ के मुख्य कमरों के भीतर तक घुटनों तक पानी भर गया, जिससे सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। दफ्तर के बाबू और कर्मचारी फाइलों को भीगने से बचाने और कमरों से पानी बाहर निकालने के लिए बाल्टियां चलाते नजर आए। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल होने के कारण दूर-दराज से काम कराने आए लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खुद एआरटीओ नंद कुमार ने नोएडा प्राधिकरण के आला अफसरों को फोन कर नाराजगी जताई और जल्द जल निकासी कराने को कहा।
अंडरपास में डूबी कारें, लंदन मार्ट के पास धंस गई सड़क
ग्रेटर नोएडा के न्यू दादरी जंक्शन और शिवालिक होम्स सोसाइटी के पास बने अंडरपास में भारी जलभराव के चलते यातायात पूरी तरह थम गया। अंडरपास के भीतर कई कारें और दोपहिया वाहन पानी के बीच फंसकर बंद हो गए, जिन्हें क्रेन की मदद से बाहर निकालना पड़ा। पानी निकालने के लिए पंप तो लगाए गए हैं, लेकिन दीवारों से पानी लगातार रिसने के कारण संकट बना हुआ है। वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की श्री राधा स्काई गार्डन सोसाइटी के पास निर्माणाधीन लंदन मार्ट में बेसमेंट की खुदाई के दौरान अचानक मुख्य सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया और बाउंड्रीवाल ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस हादसे के बाद निर्माण कार्य की सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दबाव से ढही कंपनियों और मकानों की दीवारें, बाल-बाल बचे लोग
हादसों का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। नोएडा के सेक्टर-६३ स्थित ई-४५ नंबर प्लॉट की एक नामचीन कंपनी की बाउंड्रीवाल सड़क पर भरे पानी के भारी दबाव के कारण अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई राहगीर या सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। उधर, दादरी क्षेत्र में भी मूसलाधार बारिश के चलते एक पुराने मकान की कच्ची दीवार अचानक ढह गई। हादसे के समय पूरा परिवार घर के भीतर ही मौजूद था, लेकिन दीवार गिरने की आहट सुनते ही सभी लोग समय रहते बाहर की तरफ भागे, जिससे उनकी जान बच गई। इस हादसे में मकान का एक बड़ा हिस्सा मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में दहशत का माहौल है।
स्कूलों में भरा पानी, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की उठी मांग
लगातार हो रही बारिश के कारण दोनों शहरों के कई सरकारी और निजी स्कूलों के खेल मैदान और मुख्य द्वार पानी में डूब गए, जिसके चलते बच्चों और शिक्षकों को स्कूल पहुंचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा की लाइफलाइन मानी जाने वाली मुख्य सड़कों पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्राधिकरण हर साल नालों की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करता है, लेकिन पहली ही भारी बारिश में पूरा शहर डूब जाता है। लोगों ने मांग की है कि कागजी खानापूर्ति और अस्थायी पंप लगाने के बजाय दोनों शहरों में जल निकासी का कोई ठोस और स्थायी ब्लूप्रिंट तैयार किया जाना चाहिए।



