नोएडा। साइबर सिटी नोएडा में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और अब बदमाश राहजनी के लिए नए-नए और शातिराना हथकंडे अपना रहे हैं। नोएडा के थाना सेक्टर-११३ क्षेत्र के अंतर्गत सेक्टर-७२ के पास से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कार सवार तीन शातिर बदमाशों ने एक युवक को अपनी बातों के जाल में फंसाया। इसके बाद बदमाशों ने न सिर्फ उसका मोबाइल फोन लूटा, बल्कि डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल कर उसके बैंक खाते से एक लाख छप्पन हजार रुपये किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए। इस वारदात के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
बातों-बातों में लिया फोन और कर दिया बैंक खाता साफ
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद के रहने वाले नितेश सिंह पुत्र अनिल सिंह वर्तमान में नोएडा में रहकर कामकाज करते हैं। पीड़ित नितेश ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि बीती रात वह सेक्टर-७२ के पास खड़े हुए थे, तभी अचानक एक कार आकर रुकी जिसमें तीन युवक सवार थे। कार में बैठे युवकों ने नितेश से बहुत ही सामान्य तरीके से बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे उन्हें अपनी मीठी बातों में उलझा लिया। बातों के इसी सिलसिले के बीच बदमाशों ने चालाकी से नितेश का मोबाइल फोन अपने हाथ में ले लिया। जब तक नितेश कुछ समझ पाते, तब तक बदमाशों ने उनके फोन के ऑनलाइन बैंकिंग ऐप का इस्तेमाल कर १.५६ लाख रुपये किसी अन्य खाते में पार कर दिए।
विरोध करने पर की मारपीट और फोन लेकर हुए फरार
खाते से पैसे कटने का आभास होने पर जब पीड़ित नितेश ने घबराकर अपना मोबाइल फोन वापस मांगना चाहा, तो कार सवार युवकों का व्यवहार अचानक बदल गया। बदमाशों ने फोन लौटाने के बजाय नितेश के साथ सरेराह गाली-गलौज शुरू कर दी। जब पीड़ित ने इसका कड़ा विरोध किया, तो तीनों बदमाशों ने उनके साथ जमकर मारपीट की। नितेश को लहूलुहान और असहाय हालत में सड़क पर छोड़कर बदमाश उनका कीमती मोबाइल फोन लेकर अपनी तेज रफ्तार कार में सवार होकर रफूचक्कर हो गए। पीड़ित ने जैसे-तैसे पुलिस को इस पूरी खौफनाक आपबीती की सूचना दी।
समलैंगिक डेटिंग ऐप वाले गैंग पर पुलिस को शक, मिले अहम सुराग
थाना सेक्टर-११३ के प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित युवक की तहरीर के आधार पर तत्काल संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं, पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस वारदात के पीछे किसी साधारण लुटेरे गैंग का हाथ नहीं है, बल्कि यह खेल बेहद शातिराना है। पुलिस को आशंका है कि यह घटना सोशल मीडिया या किसी समलैंगिक डेटिंग वेबसाइट/ऐप के माध्यम से दोस्ती गांठकर ब्लैकमेल और लूटपाट करने वाले किसी विशेष गिरोह की करतूत है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सर्विलांस और बैंक ट्रांजैक्शन की मदद से बदमाशों के खिलाफ बेहद ठोस सुराग हाथ लगे हैं और बहुत जल्द इस गैंग का पर्दाफाश कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।



