Home » विविध इंडिया » ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा तंज: पूछा-झारखंड जाएंगे या नहीं? बोले, आपकी ‘क्रांति’ सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित थी क्या

ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा तंज: पूछा-झारखंड जाएंगे या नहीं? बोले, आपकी ‘क्रांति’ सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित थी क्या

Facebook
Twitter
WhatsApp

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। झारखंड में छात्रों के आंदोलन को लेकर राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि वह झारखंड जाएंगे या नहीं। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि अखिलेश यादव की कथित ‘क्रांति’ क्या सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित थी।

राजभर ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव से सीधे सवाल किया। उन्होंने लिखा कि उम्मीद है अखिलेश यादव ठीक-ठाक होंगे और अपनी मस्ती में चूर होंगे। इसी दौरान उन्होंने पूछा कि क्या वह झारखंड जाने वाले हैं या नहीं।

‘देश पूछ रहा है, बस हां या ना में जवाब दे दीजिए’

ओपी राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि मित्र अखिलेश, उम्मीद है आप ठीक-ठाक होंगे और अपनी मस्ती में चूर होंगे। उन्होंने आगे सवाल किया कि इस मस्ती के दौर में आप झारखंड जा रहे हैं या नहीं।

राजभर ने तंज कसते हुए पूछा कि उनकी कथित क्रांति क्या दिल्ली तक ही सीमित थी। उन्होंने कहा कि देश यह सवाल पूछ रहा है और अखिलेश यादव को केवल हां या ना में जवाब देना चाहिए।

‘हो आइए महाराज, थोड़े झूठे आंसू बहा आइए’

इससे पहले भी ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा कि झारखंड जा रहे हैं क्या और फिर खुद ही सवाल करते हुए कहा कि नहीं जाएंगे ना।

ALSO READ THIS :  शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ी CJP: बेनतीजा रही 5 घंटे की बैठक, जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी,पुलिस पर मारपीट का आरोप

राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि हो आइए महाराज, आप चार्टर से चलने वाले इंसान हैं। उन्होंने दावा किया कि लखनऊ से करीब डेढ़ घंटे और दिल्ली से लगभग दो घंटे में झारखंड पहुंचा जा सकता है।

उन्होंने आगे कटाक्ष करते हुए कहा कि आप मित्र हैं, इसलिए कह रहा हूं कि हो आइए और थोड़े झूठे आंसू बहा आइए, ताकि लगे कि आप सच में छात्रों के हितैषी हैं।

‘भाजपा की सरकार होती तो जरूर जाते’

राजभर ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता छात्रों के मुद्दे पर भी राजनीतिक सुविधा के हिसाब से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में भाजपा की सरकार नहीं है, इसलिए विपक्ष के नेता वहां नहीं जा रहे हैं।

उन्होंने तंज करते हुए कहा कि यदि झारखंड में भाजपा की सरकार होती तो अखिलेश यादव अब तक वहां कई चक्कर लगा चुके होते और राहुल गांधी भी छात्रों के बीच जाकर उनके साथ खड़े होने की बात कहते नजर आते।

राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्य होता तो विपक्षी सांसद छात्रों के बीच जाकर राजनीतिक गतिविधियां करते और सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनवाते दिखाई देते।

‘छात्रों के साथ भी भेदभाव?’

ओपी राजभर ने विपक्ष पर छात्रों के साथ कथित भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने छात्रों के सामने झुकना खुशी-खुशी स्वीकार किया, लेकिन विपक्षी नेता जगह देखकर तय करते हैं कि किसके साथ खड़ा होना है और किसे उसके हाल पर छोड़ देना है।

उन्होंने झारखंड के छात्रों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि उन्हें क्यों छोड़ दिया गया। राजभर ने समाजवादी पार्टी के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक राजनीति के दावे पर भी निशाना साधा।

ALSO READ THIS :  पीएम मोदी से 6 सांसदों की मुलाकात पर उठाए सवाल: राउत बोले- सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने की कोशिश

‘झारखंड के आंदोलनकारी भी उसी पीडीए समाज का हिस्सा’

राजभर ने कहा कि झारखंड में आंदोलन कर रहे और पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे छात्र उसी पीडीए समाज का हिस्सा हैं, जिसके नाम पर समाजवादी पार्टी लंबे समय से राजनीति करती रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर खामोश है। राजभर ने यह भी दावा किया कि विपक्ष का रवैया दूसरे राज्यों के मुद्दों पर भी राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार बदलता रहा है।

राहुल गांधी पर भी साधा निशाना

ओपी राजभर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी अपने निशाने पर लिया। उन्होंने राहुल गांधी के प्रयागराज में छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाने का जिक्र करते हुए कहा कि झारखंड में छात्रों के आंदोलन को लेकर उनका रुख लोगों के सामने है।

राजभर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्षी दलों के नेताओं की छात्र हितैषी राजनीति केवल चुनिंदा स्थानों तक सीमित दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका फैसला करेगी।

‘जनता न्याय करेगी’

राजभर ने अपनी पोस्ट में विपक्षी नेताओं को निशाना बनाते हुए कहा कि वे चुप रहें, जनता न्याय करेगी। उन्होंने दावा किया कि झारखंड के मुद्दे पर अखिलेश यादव और राहुल गांधी के रुख को देखकर लोग उनके राजनीतिक चरित्र को समझ चुके हैं।

उन्होंने कहा कि न्याय होगा और होकर रहेगा।

झारखंड में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर विद्यार्थी प्रदर्शन कर रहे हैं।

ALSO READ THIS :  पराली जलाने पर SC का सख्त रुख, केंद्र को लगाई फटकार! 'दंडात्मक प्रावधान क्यों नहीं'

10 अगस्त को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़े थे। इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस की ओर से पानी की बौछार किए जाने की बात सामने आई थी।

98 प्रतिशत मांगें मानने का सरकार का दावा

झारखंड सरकार की ओर से दावा किया गया है कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। हालांकि सीबीआई जांच सहित कुछ प्रमुख मुद्दों पर अब भी सहमति नहीं बन पाई है।

इसी को लेकर छात्रों का आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच तथा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग लगातार उठाई जा रही है। ऐसे में झारखंड का छात्र आंदोलन अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बनता जा रहा है।

 

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें