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छात्रों की गूंज’ पर ओपी राजभर का राहुल गांधी पर हमला, बोले तीन महीने की तैयारी के बाद भी जुटे सिर्फ पांच हजार लोग

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अंबेडकर नगर। प्रयागराज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राजभर ने कार्यक्रम की तैयारियों, भीड़ और कांग्रेस के राजनीतिक प्रभाव को लेकर सवाल उठाते हुए दावा किया कि तीन महीने की तैयारी और प्रदेश के 23 जिलों से लोगों को जुटाने की कोशिश के बावजूद कार्यक्रम में अपेक्षाकृत कम भीड़ पहुंची।

राजभर ने कहा कि प्रयागराज का कार्यक्रम कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश में अपनी वास्तविक राजनीतिक स्थिति का आकलन करने का अवसर है। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम में करीब पांच हजार लोगों की भीड़ दिखाई दी, जबकि कांग्रेस की ओर से बड़े स्तर पर तैयारियां किए जाने की बात कही जा रही थी।

तीन महीने की तैयारी और तीन लाख रजिस्ट्रेशन के दावे पर सवाल

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि राहुल गांधी के प्रयागराज कार्यक्रम की तैयारी लगभग तीन महीने से चल रही थी। उनके मुताबिक कार्यक्रम के लिए 23 जिलों से लोगों को बुलाने की तैयारी की गई थी और करीब तीन लाख लोगों के रजिस्ट्रेशन की बात कही जा रही थी।

राजभर ने कहा कि कार्यक्रम के लिए बड़े स्तर पर पंडाल लगाए गए, होर्डिंग और पोस्टर लगाए गए तथा आयोजन को सफल बनाने के लिए काफी संसाधन लगाए गए। हालांकि, उनके दावे के मुताबिक मौके पर करीब पांच हजार लोगों की भीड़ ही दिखाई दी।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को प्रयागराज के कार्यक्रम से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की जमीनी राजनीतिक स्थिति का अंदाजा लगा लेना चाहिए। राजभर ने कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस के दावों और मौके पर दिखाई देने वाली भीड़ के बीच अंतर का मुद्दा उठाते हुए पार्टी पर राजनीतिक तंज कसा।

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‘कांग्रेस पहले यूपी सरकार की योजनाओं की जानकारी ले’

ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस की ओर से छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए जाने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर बयान देने से पहले कांग्रेस नेताओं को उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं और मौजूदा व्यवस्था की जानकारी लेनी चाहिए।

राजभर ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को अपनी पार्टी के स्तर पर भी जानकारी जुटानी चाहिए कि उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए सरकार की ओर से कौन-कौन सी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि इसके माध्यम से युवाओं को बिना गारंटी और बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

राजभर के मुताबिक इस योजना के तहत पांच लाख युवाओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है और दो लाख से अधिक युवा इसका लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार मांगने वाले से रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है।

पेपर लीक के मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरा

प्रयागराज कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं और कथित पेपर लीक का मुद्दा उठाए जाने पर भी राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार का जिक्र करते हुए उस समय की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए।

राजभर ने दावा किया कि उस दौर में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर बिकने और नकल कराए जाने की शिकायतें आम थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अभ्यर्थी परीक्षा के पेपर लेकर खेतों में बैठकर उत्तर लिखते थे, जबकि कुछ लोग कथित तौर पर पेपर घर ले जाकर हल करने के बाद सुबह जमा करते थे।

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उन्होंने यह भी दावा किया कि दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश आते थे और परीक्षाओं में नकल कराने के लिए पैसे लिए जाने की बातें सामने आती थीं।

हालांकि, ये सभी आरोप राजभर द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के शासनकाल की स्थिति को भी सामने रखना चाहिए।

‘योगी सरकार में नौ लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियां’

ओम प्रकाश राजभर ने उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों के मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

राजभर ने कहा कि इन नियुक्तियों में पैसे के लेन-देन की कोई गुंजाइश नहीं रखी गई। उन्होंने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सरकारों के समय सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार और पैसे के प्रभाव को लेकर शिकायतें होने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि पहले योग्य उम्मीदवारों के बजाय पैसे के बल पर अयोग्य लोगों को आगे बढ़ाने का खेल चलता था। राजभर ने दावा किया कि योगी सरकार में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में काम किया गया है।

कांग्रेस के संगठन और जमीनी प्रभाव पर भी तंज

राजभर ने कांग्रेस के संगठन और उत्तर प्रदेश में पार्टी के राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी पहले बड़ी संख्या में सीटें जीतने का दावा करते रहे हैं, लेकिन प्रयागराज के कार्यक्रम में दिखाई देने वाली भीड़ से पार्टी की जमीनी स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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उन्होंने कांग्रेस के चुनावी दावों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी को प्रयागराज के कार्यक्रम के बाद अपने राजनीतिक प्रभाव का नए सिरे से आकलन करना चाहिए।

राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह प्रयागराज में कांग्रेस का प्रदर्शन दिखाई दिया, उसके बाद पार्टी को यह तक विचार करना पड़ सकता है कि अपने सहयोगी दलों को 20-20 सीटें दी जाएं या नहीं।

युवाओं के मुद्दे पर बढ़ सकती है सियासी लड़ाई

प्रयागराज में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम और उसके बाद ओम प्रकाश राजभर की प्रतिक्रिया से साफ है कि उत्तर प्रदेश में युवाओं, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं का मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा बन सकता है।

एक ओर राहुल गांधी ने छात्रों के बीच पहुंचकर बेरोजगारी, कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया और रोजगार के अवसरों की कमी को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। वहीं दूसरी ओर राजभर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए योगी सरकार की योजनाओं, सरकारी भर्तियों और रोजगार से जुड़े कदमों का हवाला दिया।

दोनों पक्षों के बयानों के बीच राजनीतिक बहस का केंद्र युवाओं की समस्याएं और रोजगार के अवसर बने हुए हैं। प्रयागराज का कार्यक्रम जहां कांग्रेस ने छात्रों की आवाज के रूप में पेश किया, वहीं ओम प्रकाश राजभर ने इसे कांग्रेस की जमीनी ताकत परखने वाला कार्यक्रम बताते हुए पार्टी पर निशाना साधा।

अब देखना यह होगा कि रोजगार, भर्ती परीक्षा और युवाओं से जुड़े इन मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह बहस आने वाले दिनों में किस दिशा में आगे बढ़ती है।

 

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