Home » विविध इंडिया » गांधी जयंती पर राजघाट पहुंचे PM मोदी, बापू को दी पुष्पांजलि; बोले- गांधी के विचारों ने पूरी दुनिया को प्रेरित किया

गांधी जयंती पर राजघाट पहुंचे PM मोदी, बापू को दी पुष्पांजलि; बोले- गांधी के विचारों ने पूरी दुनिया को प्रेरित किया

Facebook
Twitter
WhatsApp

नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राजघाट पहुंचकर बापू को पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर राजघाट में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन भी किया गया। प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और मानवता से जुड़े विचारों को याद करते हुए कहा कि बापू का कालजयी संदेश बेहतर समाज और विकसित भारत की दिशा में प्रेरणा देता रहेगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि बापू का कालजयी संदेश देश को बेहतर समाज और विकसित भारत की ओर प्रेरित करता रहे। उन्होंने महात्मा गांधी के जीवन और विचारों को याद करते हुए कहा कि गांधी जी के विचारों ने पूरी दुनिया को प्रेरित किया है।

प्रधानमंत्री ने साझा किए गए वीडियो संदेश में कहा कि 2 अक्टूबर का देश के लिए विशेष महत्व है और महात्मा गांधी के विचारों ने दुनिया भर के लोगों को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी सत्ता से दूर रहने के बावजूद आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।

मानवता के साथ गांधी के विचारों का प्रवाह बना रहे

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब तक मानवता के साथ गांधी जी के विचारों का प्रवाह बना रहेगा, तब तक उनकी प्रेरणा और प्रासंगिकता भी बनी रहेगी। उन्होंने गांधी जी के स्वदेशी और खादी से जुड़े विचारों का भी उल्लेख किया।

पीएम मोदी ने देशवासियों से आग्रह किया कि गांधी जयंती के अवसर पर कम से कम एक खादी उत्पाद जरूर खरीदें और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने को बढ़ावा दें। उन्होंने खादी को गांधी जी के स्वदेशी विचार से जोड़ते हुए इसे दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।

ALSO READ THIS :  पीएम स्वनिधि से बदली लाखों महिलाओं की तस्वीर, मोदी बोले - जब महिला का कारोबार बढ़ता है तो पूरे परिवार का भविष्य संवरता है

सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा को किया याद

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर महात्मा गांधी के जीवन मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा का ऐसा प्रकाशस्तंभ है, जो हर युग में मानवता का मार्गदर्शन करता रहेगा।

इस अवसर पर उन्होंने संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया—

“अद्वेष्टा सर्वभूतानां मैत्रः करुण एव च। निर्ममो निरहङ्कारः समदुःखसुखः क्षमी॥”

इसका भावार्थ है कि जो व्यक्ति किसी भी प्राणी से द्वेष नहीं करता, सभी के प्रति मैत्री और करुणा का भाव रखता है, ममता और अहंकार से मुक्त रहता है, सुख-दुख में समान भाव रखता है तथा क्षमाशील होता है, वह श्रेष्ठ साधक माना जाता है।

गांधी जयंती पर देशभर में कार्यक्रम

महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से भी गांधी जयंती के अवसर पर उनके विचारों, स्वदेशी, खादी और अहिंसा के संदेश को याद किया जा रहा है। राजघाट में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न गणमान्य लोगों ने भी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

[wonderplugin_slider id=1]

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें