नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में पीएम स्वनिधि योजना के जरिए अपने छोटे कारोबार को आगे बढ़ा रहीं महिलाओं की सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देशभर में पीएम स्वनिधि योजना से जुड़ी लाभार्थियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं और लगभग 35 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ लेकर अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के शहरों और कस्बों की सड़कों पर लाखों महिलाएं रोजाना अपने छोटे-छोटे कारोबार के जरिए परिवार की आजीविका में योगदान देती हैं। कोई सब्जी और फल बेचती है तो कोई चाय, फूल, दीये और पूजा सामग्री का कारोबार करती है। इन महिलाओं के सामने अक्सर सबसे बड़ी चुनौती कारोबार बढ़ाने के लिए पूंजी की होती है। पीएम स्वनिधि योजना ऐसी महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने का काम कर रही है।
गाजियाबाद की बबिता शर्मा ने छोटे स्टाल से शुरू किया सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाजियाबाद की बबिता शर्मा की कहानी को महिला सशक्तीकरण का उदाहरण बताया। उन्होंने बताया कि बबिता शर्मा पहले पूजा सामग्री का छोटा सा स्टाल लगाती थीं। उनके स्टाल पर फूल, दीये, अगरबत्ती और नारियल जैसी पूजा की सामग्री मिलती थी। वह मेहनत के जरिए अपने परिवार की आजीविका में सहयोग करती थीं, लेकिन कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें अतिरिक्त पूंजी की जरूरत थी।
पीएम स्वनिधि योजना के जरिए आर्थिक मदद मिलने के बाद बबिता ने अपने स्टाल पर सामान बढ़ाया और कारोबार का विस्तार किया। सामान की उपलब्धता बढ़ने से ग्राहकों की संख्या में भी इजाफा हुआ और उनकी आमदनी बढ़ने लगी।
प्रधानमंत्री ने बताया कि धीरे-धीरे सड़क किनारे लगा बबिता का छोटा सा स्टाल एक दुकान में बदल गया। उनके मुताबिक, यह बदलाव केवल कारोबार के विस्तार की कहानी नहीं है, बल्कि यह इस बात का उदाहरण है कि उचित वित्तीय सहयोग मिलने पर छोटे कारोबार से जुड़ी महिलाएं भी अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं।
इडली डोसा के कारोबार से निंगम्मा ने बदली परिवार की तस्वीर
प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु की टीएस निंगम्मा का उदाहरण भी साझा किया। उन्होंने बताया कि निंगम्मा और उनके पति ने मिलकर इडली, डोसा और सांभर बेचने का छोटा सा कारोबार शुरू किया था।
कारोबार चल पड़ा, लेकिन उसे बड़े स्तर पर ले जाने के लिए पूंजी की आवश्यकता थी। पीएम स्वनिधि योजना से सहायता मिलने के बाद निंगम्मा ने अपनी फूड कार्ट को बेहतर किया। उन्होंने सामान थोक में खरीदना शुरू किया और ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए मेन्यू में कई नए व्यंजन भी शामिल किए।
इससे उनके कारोबार में ग्राहकों की संख्या बढ़ी और आमदनी में भी इजाफा हुआ। प्रधानमंत्री ने बताया कि कारोबार के विस्तार से निंगम्मा के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई और आज वह अपने तीन बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में सक्षम हैं।
महिला का कारोबार बढ़ता है तो पूरा परिवार आगे बढ़ता है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी महिला का कारोबार बढ़ना सिर्फ उसकी व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं है। इसका सीधा असर पूरे परिवार के भविष्य पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि महिला की आमदनी बढ़ने से बच्चों की शिक्षा बेहतर होती है, घर की जरूरतें आसानी से पूरी होती हैं और महिला के भीतर आत्मविश्वास भी मजबूत होता है। प्रधानमंत्री ने इसे महिला सशक्तीकरण का जीवंत रूप बताया।
उन्होंने रेहड़ी और पटरी के कारोबार से जुड़ी सभी महिलाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
क्या है पीएम स्वनिधि योजना
पीएम स्वनिधि केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसका उद्देश्य रेहड़ी और पटरी लगाने वाले विक्रेताओं को उनके कारोबार के लिए किफायती कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से छोटे विक्रेताओं को वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाता है।
कोविड 19 महामारी के दौरान इस योजना की शुरुआत की गई थी। उस समय महामारी और लॉकडाउन के कारण रेहड़ी और पटरी लगाने वाले लाखों विक्रेताओं के कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुए थे। ऐसे विक्रेताओं को अपना कारोबार दोबारा खड़ा करने के लिए आसानी से कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना योजना का प्रमुख उद्देश्य रहा।
बिना गारंटी मिलता है कार्यशील पूंजी ऋण
पीएम स्वनिधि योजना के तहत पात्र रेहड़ी और पटरी विक्रेताओं को क्रमिक रूप से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना में 15 हजार रुपये, 25 हजार रुपये और 50 हजार रुपये तक की ऋण किश्तों का प्रावधान है।
इन ऋणों के लिए गारंटी की आवश्यकता नहीं होती। इसका उद्देश्य ऐसे छोटे कारोबारियों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ना है, जिनकी पारंपरिक बैंकिंग और ऋण सुविधाओं तक पहुंच सीमित रहती है।
योजना के अंतर्गत ब्याज सब्सिडी और क्रेडिट गारंटी सहायता जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
डिजिटल लेनदेन को भी दिया जा रहा बढ़ावा
पीएम स्वनिधि योजना के जरिए छोटे कारोबारियों को डिजिटल वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। पात्र विक्रेताओं के लिए 30 हजार रुपये तक की सीमा वाला यूपीआई लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है।
इससे छोटे कारोबारियों के लिए डिजिटल भुगतान और औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने की कोशिश की गई है।
छोटे कारोबार से बड़े बदलाव की उम्मीद
प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात में सुनाई गई बबिता शर्मा और टीएस निंगम्मा की कहानियां यह बताती हैं कि छोटे कारोबार के लिए मिलने वाली सीमित आर्थिक सहायता भी परिवार की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव ला सकती है।
एक ओर बबिता ने पूजा सामग्री के छोटे स्टाल को दुकान में बदलने की दिशा में कदम बढ़ाया, वहीं निंगम्मा ने फूड कार्ट के कारोबार का विस्तार कर अपने बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने की क्षमता हासिल की।
पीएम मोदी ने महिला सशक्तीकरण को केवल नीतियों और योजनाओं तक सीमित न बताते हुए इसे महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने से जोड़कर पेश किया। पीएम स्वनिधि योजना के जरिए लाखों महिलाओं का छोटे कारोबार से जुड़ना इसी बदलाव की एक तस्वीर के रूप में सामने आया है।



