नई दिल्ली। भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम के महान नायकों और आंदोलन में हिस्सा लेने वाले सभी राष्ट्रभक्तों को श्रद्धापूर्वक याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल लोगों का साहस और उनका त्याग हर भारतीय के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व से प्रेरित होकर भारत छोड़ो का आह्वान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा लेकर आया था। यह आंदोलन ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के लिए भारतीयों के अटूट संकल्प का प्रतीक बना।
महात्मा गांधी के आह्वान से देश में जगी थी नई चेतना
भारत छोड़ो आंदोलन अगस्त 1942 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ था। इसे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के निर्णायक आंदोलनों में शामिल किया जाता है। आंदोलन के दौरान देश के अलग अलग हिस्सों में लोगों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन किए और स्वतंत्रता की मांग को और मजबूती दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल लोगों का साहस आज भी भारतीयों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि आंदोलन ने देश के स्वतंत्रता संग्राम को नई गति दी और भारतीय समाज में आजादी हासिल करने के संकल्प को और मजबूत किया।
ओम बिरला ने ‘करो या मरो’ के संकल्प को किया याद
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर राष्ट्रनायकों और अमर सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के सपने को साकार करने के लिए असंख्य लोगों ने अपना सर्वस्व देश को समर्पित कर दिया।
ओम बिरला ने महात्मा गांधी के ‘करो या मरो’ के आह्वान को याद करते हुए कहा कि यह उस दौर में करोड़ों भारतीयों के लिए साहस और संकल्प की आवाज बन गया था।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान असंख्य ज्ञात और अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल की यातनाएं सहीं, संघर्ष किया और देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनके मुताबिक इन सेनानियों का संघर्ष केवल राजनीतिक आजादी हासिल करने तक सीमित नहीं था, बल्कि वे ऐसे भारत का निर्माण चाहते थे जिसकी नींव सत्य, अहिंसा, लोकतंत्र, समानता और राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों पर आधारित हो।
‘अज्ञात सेनानियों का त्याग भी इतिहास का हिस्सा’
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन के इतिहास में ऐसे अनेक स्वतंत्रता सेनानी रहे जिनके नाम व्यापक रूप से सामने नहीं आए, लेकिन उनका योगदान स्वतंत्रता आंदोलन की ताकत बना।
उन्होंने कहा कि आजादी के अमृतकाल में इन महान सेनानियों का स्मरण देश को लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक आदर्शों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उनके मुताबिक राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए देश के नागरिकों को लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास करना चाहिए।
जेपी नड्डा बोले, ‘अगस्त क्रांति’ ने देशभर में जगाई नई चेतना
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर महात्मा गांधी और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि अगस्त 1942 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ भारत छोड़ो आंदोलन देश के स्वतंत्रता संग्राम का निर्णायक अध्याय बना।
नड्डा ने कहा कि अगस्त क्रांति ने देशभर में नई चेतना का संचार किया और असंख्य भारतीयों को स्वाधीनता के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन का इतिहास उन असंख्य गुमनाम योद्धाओं के साहस, त्याग और बलिदान से समृद्ध है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा बलिदान
जेपी नड्डा ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के गुमनाम योद्धाओं की साहस और त्याग की गाथाएं आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के लिए प्रेरित करती रहेंगी।
उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और उन सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके त्याग, संघर्ष और बलिदान से स्वतंत्र भारत की नींव मजबूत हुई।
स्वतंत्रता संग्राम के निर्णायक मोड़ के रूप में याद किया जाता है आंदोलन
भारत छोड़ो आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक माना जाता है जिसने ब्रिटिश शासन के खिलाफ जनभावना को व्यापक रूप दिया। अगस्त 1942 में शुरू हुए इस आंदोलन का उद्देश्य ब्रिटिश शासन से तत्काल स्वतंत्रता की मांग को निर्णायक रूप से सामने रखना था।
आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन का आह्वान किया। इसके बाद देश के अलग अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए और बड़ी संख्या में लोगों ने स्वतंत्रता संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाई।
आज भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा सहित कई नेताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
स्वतंत्रता संग्राम के इन नायकों का संघर्ष आज भी देश के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में लोकतंत्र, राष्ट्रभक्ति, त्याग और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों की याद दिलाता है।



