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आकाश आनंद को संजय निषाद का खुला ऑफर, बोले- निषाद पार्टी में आइए, पसंद का पद और पूरा सम्मान मिलेगा

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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती के भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में फिलहाल किसी बड़ी जिम्मेदारी से दूर रखने के फैसले के बीच उत्तर प्रदेश की सियासत में नई चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच यूपी सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने आकाश आनंद को अपनी पार्टी में शामिल होने का खुला प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि अगर आकाश आनंद निषाद पार्टी में आते हैं तो उन्हें उनकी पसंद का पद दिया जाएगा और पूरा सम्मान भी मिलेगा।

संजय निषाद बोले- सोच-समझकर फैसला लें आकाश आनंद

लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान संजय निषाद ने आकाश आनंद से सोच-समझकर फैसला लेने की अपील की। उन्होंने युवाओं की राजनीतिक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि युवा जिस दिशा में आगे बढ़ता है, समाज और राजनीति भी उसी दिशा में आगे बढ़ती है।

संजय निषाद ने कहा, “मैं आकाश आनंद से गुजारिश करना चाहता हूं कि वे सोच-समझकर फैसला लें। एक कहावत है, जिधर जवानी चलती है, उधर जमाना चलता है। निषाद समुदाय की कोशिशों के पीछे यही सोच है।”

बहुजन आंदोलन और सामाजिक न्याय का किया जिक्र

निषाद ने बहुजन आंदोलन और सामाजिक न्याय की अवधारणा का जिक्र करते हुए कहा कि देश की बड़ी आबादी ऐसे समुदायों से आती है, जिन्होंने लंबे समय तक अभाव और सामाजिक पिछड़ेपन का सामना किया है। उनके मुताबिक संवैधानिक व्यवस्था का उद्देश्य समाज के कमजोर और निचले पायदान पर खड़े लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों से ऐसी सोच रही कि गरीब कमाएगा और अमीर उसका उपभोग करेगा, लेकिन संविधान आधारित व्यवस्था में ऐसा नहीं है। सरकार की नीतियों के जरिए गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को शिक्षा तथा विकास के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।

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कांशीराम और अंबेडकर की विचारधारा का हवाला

संजय निषाद ने अपने बयान में बहुजन आंदोलन के संस्थापक कांशीराम और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने के विचार को लेकर काम कर रही है।

उन्होंने कहा, “नारा था- अंबेडकर के सपने अधूरे, कांशीराम करेंगे पूरे और विचारधारा थी अंबेडकर जी की और अब कांशीराम के सपने अधूरे, हम लोग मिलकर करेंगे पूरे। निषाद पार्टी इसी विचार पर निर्भर है।”

आकाश आनंद को लेकर बोले- युवाओं को अवसर देना जरूरी

आकाश आनंद के संदर्भ में संजय निषाद ने कहा कि उन्होंने कांशीराम के साथ लंबे समय तक काम किया है और सामाजिक बदलाव की लड़ाई को समझते हैं। उन्होंने सामाजिक असमानता को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा कि पुरानी व्यवस्था में गरीब और अमीर के बीच बड़ा अंतर रहा है, जबकि संवैधानिक व्यवस्था समान अवसर और सामाजिक न्याय की बात करती है।

निषाद ने कहा, “हम लोगों ने कांशीराम के साथ बहुत लंबे समय तक काम किया है। दो तरह की सोच थी, एक सोच पांच हजार बरस से थी कि भगवान ने लोगों को गरीब बना दिया, झोपड़ी वाले कमाएंगे, खोपड़ी वाले खाएंगे, गरीब कमाएंगे, अमीर लोग खाएंगे। लेकिन संवैधानिक व्यवस्था में ऐसा कुछ नहीं है।”

युवाओं को आगे लाना प्राथमिकता

निषाद पार्टी के अध्यक्ष ने युवाओं को राजनीति में आगे लाने को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सामाजिक बदलाव की लड़ाई लंबी है और इसे एक दिन में खत्म नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक युवाओं को प्रशिक्षित करने और उन्हें अवसर देने से ही आने वाले समय में बदलाव की मजबूत नींव तैयार होगी।

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उन्होंने कहा, “निश्चित रूप से जिधर जवानी चलती है, उधर जमाना चलता है। युवा आएगा तभी उसका भविष्य बनेगा। युवाओं को आगे लाना ही हमारी प्राथमिकता है, क्योंकि यह लंबे समय तक की लड़ाई है। एक दिन की नहीं, पांच हजार वर्ष की यह बीमारी एक दिन में खत्म नहीं होगी।”

आकाश आनंद को लेकर बढ़ी राजनीतिक चर्चा

मायावती के भतीजे आकाश आनंद को बसपा में बड़ी जिम्मेदारी से फिलहाल दूर रखे जाने के बीच संजय निषाद का यह खुला प्रस्ताव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निषाद ने न केवल आकाश आनंद को अपनी पार्टी में आने का न्योता दिया, बल्कि उनकी पसंद का पद और सम्मान देने की बात भी सार्वजनिक रूप से कही है।

अब देखना होगा कि आकाश आनंद इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल संजय निषाद के बयान ने यूपी की राजनीति में आकाश आनंद की भूमिका और उनके भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

 

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