हरिद्वार। सावन के पवित्र महीने के पहले सोमवार पर देशभर के शिवालयों में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। दिल्ली से लेकर हरिद्वार और उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक सुबह तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। भक्तों ने गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य तथा मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की।
सावन सोमवार को लेकर शिव मंदिरों में विशेष सजावट और पूजा-अर्चना की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव मंदिर में तड़के से लगी कतारें
हरिद्वार के प्रसिद्ध दक्षेश्वर महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार पर सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचने लगे थे। मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक कर आशीर्वाद लिया।
मंदिर के पुजारी विनोद ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के दौरान दक्षेश्वर महादेव मंदिर का विशेष महत्व होता है। इसी कारण देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं।
महामंडलेश्वर संतोषी माता ने भी कनखल स्थित इस पवित्र स्थल के महत्व को बताते हुए कहा कि भगवान शिव की कृपा से यह स्थान सदियों से आस्था का केंद्र बना हुआ है। सावन के महीने में यहां पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है।
अयोध्या में सरयू स्नान के बाद भक्तों ने किया जलाभिषेक
उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या में भी सावन के पहले सोमवार पर लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचे। भक्तों ने सबसे पहले पवित्र सरयू नदी में स्नान किया और इसके बाद प्रसिद्ध नागेश्वर नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया। मंदिर परिसर में भक्तों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए।
हापुड़ के सबली महादेव मंदिर में उमड़ी भीड़
हापुड़ के प्राचीन सिद्ध पीठ श्री सबली महादेव मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल, बेलपत्र और फूल अर्पित किए।
मंदिर के पुजारी पंडित रवि शंकर शुक्ला ने बताया कि यह मंदिर जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में शामिल है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी विश्वास के चलते सावन सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
ग्रेटर नोएडा के बिसरख मंदिर में भी उमड़े श्रद्धालु
ग्रेटर नोएडा के बिसरख गांव स्थित प्रसिद्ध रावण मंदिर में भी सावन सोमवार पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, बिसरख को रावण की जन्मस्थली माना जाता है।
यहां स्थित स्वयंभू शिवलिंग को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है। मान्यता है कि इसी शिवलिंग की रावण ने कठोर तपस्या की थी और भगवान शिव को प्रसन्न किया था। सावन के महीने में यह मंदिर विशेष धार्मिक महत्व रखता है।
दिल्ली के शिवालयों में भी दिखा भक्ति का उत्साह
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी सावन के पहले सोमवार पर शिवभक्ति का उत्साह चरम पर रहा। तुगलकाबाद के प्राचीन शिव मंदिर और ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं।
भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। गौरी शंकर मंदिर पहुंचे एक श्रद्धालु ने बताया कि वह सुबह छह बजे मंदिर पहुंचे थे, लेकिन उस समय तक दर्शन के लिए काफी लंबी लाइन लग चुकी थी। उन्होंने कहा कि सावन के पहले सोमवार जैसी भीड़ उन्होंने लंबे समय बाद देखी है।
सावन के पहले सोमवार पर दिल्ली से हरिद्वार तक शिवालयों में उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था हर वर्ष और मजबूत होती जा रही है। मंदिरों में गूंजते हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया।



