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वंदे मातरम और धर्म को लेकर सपा का भाजपा पर हमला, उदयवीर बोले- विवाद खड़ा कर मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश

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लखनऊ। ‘वंदे मातरम’ को लेकर देश में जारी राजनीतिक बहस के बीच समाजवादी पार्टी के नेता उदयवीर सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन सरकारों के पास अपने काम का रिपोर्ट कार्ड नहीं होता, वे विवादित मुद्दों को सामने लाकर जनता का ध्यान मूल समस्याओं से हटाने की कोशिश करती हैं। उदयवीर सिंह ने कहा कि भाजपा ने ‘वंदे मातरम’, देशभक्ति और धर्म जैसे विषयों का इस्तेमाल राजनीतिक विवाद पैदा करने के लिए किया है।

आईएएनएस से बातचीत में सपा नेता ने कहा कि मौजूदा समय में देश में सामाजिक और राजनीतिक हिस्सेदारी का मुद्दा प्रमुख है। उनके मुताबिक, अलग-अलग राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से ‘जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी भागीदारी’ की बात कर रहे हैं। क्षेत्रीय दल जातिगत आरक्षण और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर अपनी मांगें उठा रहे हैं।

पीडीए को हिस्सेदारी और भागीदारी मिलनी चाहिए

उदयवीर सिंह ने समाजवादी पार्टी के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों की राजनीतिक भागीदारी के मुद्दे को लेकर कहा कि यह केवल संख्या का विषय नहीं है, बल्कि राजनीतिक सिद्धांत और व्यवहारिकता से भी जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि जो लोग पहले समाजवादी पार्टी के साथ रहकर चुनाव लड़ चुके हैं और अब दूसरे राजनीतिक दलों के साथ गए हैं, उन्हें उम्मीद है कि वहां उन्हें अधिक राजनीतिक हिस्सेदारी मिलेगी। उदयवीर सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी का मानना है कि पीडीए समाज को उसकी संख्या के अनुरूप हिस्सेदारी और भागीदारी मिलनी चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में विभिन्न वर्गों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया था और पार्टी आगे भी इसी दिशा में काम कर रही है।

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आरक्षण के मुद्दे पर संजय निषाद पर साधा निशाना

सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से उत्तर प्रदेश में सपा सरकार बनने पर जातिगत आरक्षण देने के बयान को लेकर उदयवीर सिंह ने निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद पर भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि यदि संजय निषाद की प्राथमिकता वास्तव में आरक्षण होती और उन्होंने सरकार का समर्थन करने से पहले इसे शर्त के तौर पर रखा होता तो यह मुद्दा पहले ही उठाया जा सकता था। उदयवीर सिंह ने आरोप लगाया कि उस समय उनकी प्राथमिकता मंत्री पद हासिल करने की थी और अब चुनाव नजदीक आने पर दोबारा आरक्षण की बात की जा रही है।

सपा नेता ने कहा कि इसी वजह से निषाद समाज को लोकसभा में अपेक्षित राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं मिल पाई। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने निषाद समाज के दो लोगों को सांसद बनाने का काम किया।

स्कूलों की बदहाली और बच्चों के मुद्दे पर सरकार को घेरा

उदयवीर सिंह ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर सरकारी स्कूलों की स्थिति और बच्चों से जुड़े मामलों को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पर दबाव है कि स्कूलों की बदहाली और बच्चों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार की तस्वीरें जनता के सामने न आएं।

उन्होंने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा के बच्चे सड़कों पर आ रहे हैं और इससे सरकार की किरकिरी हो रही है। उनके मुताबिक, सरकार को वास्तविक परिस्थितियों में सुधार करने पर ध्यान देना चाहिए, न कि समस्याओं को छिपाने की कोशिश करनी चाहिए।

उदयवीर सिंह ने कहा कि ऐसी कोशिशों से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का भी अपमान होता है। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की मांग की।

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भाजपा विधायक को मंदिर में पूजा से रोकने के आरोप पर सवाल

भाजपा विधायक की ओर से जातिगत भेदभाव का आरोप लगाए जाने के मुद्दे पर भी उदयवीर सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आजाद भारत में इस तरह की घटना सामने आना शर्मनाक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष की एक विधायक को दलित होने के कारण मंदिर में पूजा करने से रोका गया। उदयवीर सिंह ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

झारखंड मामले में कोर्ट के फैसले को मानने की बात

झारखंड सरकार के एक फैसले पर हाईकोर्ट की रोक के मामले में उदयवीर सिंह ने कहा कि सरकार ने बच्चों के आंदोलन को देखते हुए नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया था।

उन्होंने कहा कि अदालत कानून के अनुसार अपना फैसला करती है, जबकि सरकार को जनभावनाओं के अनुसार निर्णय लेना होता है। उनके मुताबिक, संबंधित मामले में सरकार की ओर से कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वहां कथित तौर पर अनियमितता होने की धारणा बनी थी।

उदयवीर सिंह ने कहा कि अब अदालत का अंतिम फैसला जो भी होगा, उसे सभी पक्षों को स्वीकार करना होगा।

‘वंदे मातरम’ पर भाजपा को घेरा

‘वंदे मातरम’ को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर उदयवीर सिंह ने भाजपा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन सरकारों के पास अपने काम का रिपोर्ट कार्ड नहीं होता, वे अक्सर ऐसे मुद्दे उठाती हैं जिनसे राजनीतिक विवाद पैदा हो और जनता का ध्यान वास्तविक समस्याओं से हट जाए।

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उदयवीर सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा ने ‘वंदे मातरम’, देशभक्ति और धर्म को विवाद पैदा करने के लिए इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि इस समय बेरोजगारी, शिक्षा, युवाओं के भविष्य और अन्य जनहित के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।

उनके मुताबिक, मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के बजाय सरकार को जनता से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए और अपनी नीतियों के परिणाम सामने रखने चाहिए।

हिस्सेदारी की राजनीति पर सपा का फोकस

उदयवीर सिंह के बयान से साफ है कि समाजवादी पार्टी आने वाले चुनावी दौर में पीडीए, सामाजिक हिस्सेदारी, आरक्षण और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता देने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। वहीं ‘वंदे मातरम’ और धर्म से जुड़े विवादों को लेकर पार्टी भाजपा पर राजनीतिक ध्रुवीकरण का आरोप लगा रही है।

फिलहाल ‘वंदे मातरम’ को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी जारी है। ऐसे में सपा नेता उदयवीर सिंह का ताजा बयान इस राजनीतिक बहस को और धार देता दिखाई दे रहा है।

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