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मुजफ्फरनगर में 3 दिन बाद खत्म हुई भूख हड़ताल: सांसद हरेंद्र मलिक की पहल पर खुला समाधान का रास्ता, कंपनी बाग–सुमन विहार मार्ग में लगेगा नया गेट

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मुज़फ्फरनगर। शहर के सुमन विहार से कंपनी बाग तक रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे जितेंद्र कोच और क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिल गई है। लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद का शनिवार दोपहर बाद करीब 3 बजे समाधान निकल आया। समाजवादी पार्टी के मुज़फ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक की पहल, प्रशासन की मध्यस्थता और दोनों पक्षों की सहमति से समझौता हो गया, जिसके बाद सांसद ने भूख हड़ताल पर बैठे जितेंद्र कोच को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।

समझौते के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच विस्तृत वार्ता हुई, जिसमें इस बात पर सहमति बनी कि कंपनी बाग से सुमन विहार को जोड़ने वाली दीवार पर एक गेट लगाया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन सुगम हो सके।

बताया गया कि इस मामले को लेकर शुक्रवार देर रात तक सांसद हरेंद्र मलिक के आवास पर लगातार बैठकें चलती रहीं। कई दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्ष समाधान पर राजी हुए। समझौते के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली और वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की उम्मीद जताई।

सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि यह किसी राजनीतिक जीत का नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास की जीत का मामला है। दोनों पक्ष एक ही परिवार की तरह हैं और बातचीत के माध्यम से हर विवाद का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने बताया कि कंपनी बाग की दीवार पर लगने वाले गेट की व्यवस्था कराने में भी वे सहयोग करेंगे।

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सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ ने बताया कि दोनों पक्षों को साथ बैठाकर बातचीत कराई, जिसके बाद आपसी सहमति बन गई। इसी सहमति के आधार पर भूख हड़ताल समाप्त कराई गई और तय हुआ कि कंपनी बाग से सटी दीवार पर गेट लगाया जाएगा।

धरनारत जितेंद्र ने बताया कि वर्ष 2012-13 में कंपनी बाग की ओर जाने वाला रास्ता बंद कर दिया गया था। इसके कारण विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को कंपनी बाग तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता था।

उन्होंने कहा कि तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे और अब सांसद हरेंद्र मलिक तथा प्रशासन के प्रयासों से उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है।

 

 

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