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अमेरिकी ग्रीन कार्ड नीति में बड़ा बदलाव: 19 ‘चिंता वाले देशों’ के सभी धारकों की दोबारा सख्त जांच, भारत सुरक्षित

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नई दिल्ली, 28 नवंबर। व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड पर हुए गोलीकांड के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इमिग्रेशन नीतियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए 19 ‘कंट्रीज ऑफ कंसर्न’ (चिंता वाले देशों) के सभी ग्रीन कार्ड धारकों की पुन: जांच के आदेश दिए हैं।

यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने इसे ‘फुल-स्केल री-एग्जामिनेशन’ बताया है, जिसमें FBI आतंकवाद एंगल से जांच कर रही है। बाइडेन प्रशासन के दौरान मंजूर सभी आश्रय (आसाइलम) मामलों की भी समीक्षा शुरू हो गई है।

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यह कदम गुरुवार को वाशिंगटन डीसी में एक अफगान नागरिक रहमनुल्लाह लकनवाल (29) द्वारा दो नेशनल गार्ड सदस्यों पर हमले के बाद उठाया गया। हमले में स्पेशलिस्ट सारा बेकस्ट्रॉम (20) की मौत हो गई, जबकि स्टाफ सर्जेंट एंड्र्यू वोल्फ (24) की हालत गंभीर है। लकनवाल, जो 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिका आया था और अप्रैल 2025 में आसाइलम मिला था, को आतंकवाद के तहत जांचा जा रहा है। FBI डायरेक्टर कश पटेल ने इसे ‘कोस्ट-टू-कोस्ट इन्वेस्टिगेशन’ बताया और कई राज्यों में सर्च वारंट जारी किए।

19 देशों की सूची: कौन-कौन से देश प्रभावित?

ट्रंप प्रशासन ने जून 2025 में जारी प्रोक्लेमेशन के आधार पर इन 19 देशों को ‘हाई-रिस्क’ चिह्नित किया है, जहां से आने वालों के ग्रीन कार्ड की दोबारा जांच होगी। ये देश सुरक्षा, वीजा ओवरस्टे, वेटिंग सिस्टम की कमजोरी और आतंकवाद जोखिम के कारण चुने गए हैं।

क्रमांक देश का नाम (अंग्रेजी) हिंदी नाम
1 Afghanistan अफगानिस्तान
2 Burma (Myanmar) बर्मा (म्यांमार)
3 Burundi बुरुंडी
4 Chad चाड
5 Cuba क्यूबा
6 Republic of the Congo कांगो गणराज्य
7 Equatorial Guinea इक्वेटोरियल गिनी
8 Eritrea इरिट्रिया
9 Haiti हैती
10 Iran ईरान
11 Laos लाओस
12 Libya लीबिया
13 Sierra Leone सिएरा लियोन
14 Somalia सोमालिया
15 Sudan सूडान
16 Togo टोगो
17 Turkmenistan तुर्कमेनिस्तान
18 Venezuela वेनेजुएला
19 Yemen यमन

नोट: भारत इस सूची में शामिल नहीं है, इसलिए भारतीय ग्रीन कार्ड धारकों पर सीधा असर नहीं पड़ेगा। USCIS ने कहा कि इन देशों से आने वालों के वेटिंग में ‘नेगेटिव कंट्री-स्पेसिफिक फैक्टर्स’ जैसे असुरक्षित आइडेंटिटी डॉक्यूमेंट्स पर फोकस होगा।

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अफगान नागरिकों के लिए तत्काल रोक

DHS ने बाइडेन प्रशासन के दौरान मंजूर सभी आसाइलम मामलों की समीक्षा शुरू कर दी है। अफगान नागरिकों के इमिग्रेशन रिक्वेस्ट (जैसे वीजा, आसाइलम) की प्रोसेसिंग तुरंत रोक दी गई है, जब तक सिक्योरिटी और वेटिंग प्रोटोकॉल की जांच पूरी न हो।

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ट्रंप ने इसे ‘बैकलॉग और गलत वेटिंग’ का हवाला देते हुए जस्टिफाई किया। अफगान समुदायों ने हमले की निंदा की, लेकिन अन्य अफगानों के इमिग्रेशन पर असर की चिंता जताई। लकनवाल को CIA के साथ अफगानिस्तान में काम करने का अनुभव था, लेकिन उसकी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की भी जांच हो रही है।

हमले का विवरण और राजनीतिक प्रभाव

हमला व्हाइट हाउस से दो ब्लॉक दूर फर्रागुट स्क्वायर में दोपहर 2:15 बजे (स्थानीय समय) हुआ। लकनवाल ने .357 मैग्नम रिवॉल्वर से अचानक हमला किया, जो एक ‘एम्बुश’ था। वह वॉशिंगटन स्टेट से 40 घंटे ड्राइव करके आया था। FBI इसे ‘आतंकवाद’ मानकर जांच कर रही है। ट्रंप ने इसे ‘सेवेज अटैक’ बताते हुए बाइडेन की इमिग्रेशन पॉलिसी को जिम्मेदार ठहराया और कहा, “हम थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज से माइग्रेशन को स्थायी रूप से रोक देंगे।”

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