उमरिया: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में गुरुवार को एक ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला जिसने प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कंपा दी। नेशनल हाईवे-43 पर रफ्तार का कहर इस कदर बरसा कि एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में तबाह हो गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भरौला गांव के पास एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े हाइवा ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण और भयावह थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और वह लोहे के मलबे में तब्दील हो गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे में एक तीन वर्षीय मासूम बच्चे, दो महिलाओं और एक पुरुष समेत कुल चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।
चित्रकूट की पावन यात्रा बन गई अंतिम सफर, पलक झपकते ही उजड़ गई दुनिया
दिल को झकझोर देने वाली यह घटना उस समय हुई जब अनूपपुर जिले से एक परिवार कार में सवार होकर धार्मिक नगरी चित्रकूट के दर्शन के लिए निकला था। रफ्तार के नशे में चूर कार जैसे ही उमरिया के भरौला गांव के समीप पहुंची, अचानक चालक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, कार सीधे हाईवे किनारे खड़े एक भारी-भरकम ट्रक के पिछले हिस्से में समा गई। टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि पूरा इलाका दहल उठा। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके की तरफ दौड़े। कार की हालत देखकर हर कोई दंग रह गया, क्योंकि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रक के नीचे धंस चुका था और अंदर सवार लोग लहूलुहान हालत में फंसे हुए थे।
मलबे से लाशें निकालने में छूटे पसीने, कटर की मदद से काटी गई गाड़ी
हादसे की भयावहता की सूचना मिलते ही उमरिया कोतवाली पुलिस की टीम दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। स्थानीय निवासियों और पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर कार के मलबे को कटर की मदद से काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल में तीन शवों को तुरंत पहुंचा दिया गया था, जबकि एक मृतक का शरीर कार के मलबे में इस कदर फंस गया था कि उसे निकालने में प्रशासन के पसीने छूट गए। इस भीषण टक्कर में तीन साल के मासूम बच्चे ने दुनिया को देखने से पहले ही दम तोड़ दिया, वहीं परिवार की दो महिलाओं और पुरुष की भी मौके पर ही सांसें थम गईं।
घायल की हालत बेहद नाजुक, सर्वाइकल फ्रैक्चर के चलते वेंटिलेटर पर
अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर जय कुमार ने घटना के संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि अनूपपुर से चित्रकूट जा रहे इस वाहन में कुल पांच लोग सवार थे। हादसे के शिकार हुए चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि जीवित बचे इकलौते व्यक्ति की स्थिति बेहद क्रिटिकल बनी हुई है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि उसके गले की हड्डी यानी सर्वाइकल में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है, जिसके चलते उसे सघन चिकित्सा कक्ष में रखकर बचाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उनके परिजनों को अनूपपुर में सूचित कर दिया गया है।
प्रारंभिक तौर पर इस खूनी हादसे की मुख्य वजह कार की अत्यधिक तेज रफ्तार और हाईवे पर बिना किसी संकेतक के खड़े किए गए ट्रक को माना जा रहा है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी है कि आखिर ट्रक वहां किस परिस्थिति में खड़ा था और कार चालक को वह दूर से क्यों नहीं दिखाई दिया। इस हादसे ने एक बार फिर नेशनल हाईवे पर अवैध रूप से खड़े होने वाले ट्रकों और अनियंत्रित रफ्तार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।



